कश्मीर में बिहारियों की हत्या ने दिखाया “सुशासन” की हकीकत : राजेश राठौड़
पटना। कश्मीर में पिछले दिनों तीन बिहारी मजदूरों की आतंकवादियों द्वारा की गई हत्या ने बिहार के नीतीश कुमार के सुशासन को आईना दिखाने का काम किया है। लॉकडाउन में बिहारी मजदूरों के पलायन को लेकर जो स्याह सच सामने आया था, उसी को लॉकडाउन खुलने के बाद राज्य में रोजगार सृजित न कर पाने वाली नीतीश सरकार को बिहार की जनता के दर्द से कोई मतलब नहीं रह गया है। ये बातें बिहार कांग्रेस कमिटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कही।
राजेश राठौड़ ने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद आतंकवाद के सफाए का दावा कर रही केंद्र सरकार के मुंह पर आतंकियों ने करारा तमाचा जड़ा है। कहा कि सुशासन की सरकार का दावा करने वाले नीतीश कुमार और उनके सहयोगी भाजपा के राज्य से पलायन कर रहे मजदूरों की स्थिति सुधारने पर सही से काम हुआ होता तो आज कश्मीर में हमारे राज्य के मेहनतकश को आतंकवादियों के गोलियों का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने मांग की है कि बिहार के मजदूरों को 50 लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए, साथ ही राज्य में पलायन को रोकने के लिए राज्य सरकार को जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए और रोजगार सृजित करने की ओर ध्यान देना चाहिए। जिससे बिहार के बेरोजगार लोगों को राज्य में ही रोजगार मिल सकें।


