केन्द्रीय इस्पात मंत्री ने की पूंजीगत व्यय की समीक्षा, बोले- लक्ष्यों की प्राप्ति मायने रखती है, औचित्य और बहाने नहीं
पटना। केन्द्रीय इस्पात मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने इस्पात मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा वित्त वर्ष 2021-22 में नवंबर तक किए गए पूंजीगत व्यय की गुरूवार को नयी दिल्ली स्थित उद्योग भवन में आयोजित बैठक में समीक्षा की। इस मौके पर इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, सेल, एनएमडीसी, आरआईएनएल और अन्य उपक्रमों के अध्यक्ष उपस्थित थे।
केन्द्रीय मंत्री ने वित्त वर्ष 2021-22 में किए गए पूंजीगत व्यय की लक्ष्य प्राप्ति में कमी को पूरा करने के लिए उपक्रमों को वित्तीय वर्ष की शेष अवधि के लिए अगले वर्ष 31 मार्च तक दैनिक आधार पर योजना बनाने की सलाह दी। श्री सिंह ने सभी लंबित परियोजनाओं में लापरवाही के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रौद्योगिकी, जनशक्ति, धन और अन्य सभी संसाधन उपलब्ध हैं, तो कोई कारण नहीं है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा स्वयं निर्धारित किए गए लक्ष्य पूरे न किये जाएं। अब तक का पूंजीगत व्यय सामान्य परिस्थितियों में बिना किसी विशेष प्रयास के भी किया जा सकता था, जरूरत इस बात की है कि लीक से हटकर अतिरिक्त प्रयास संस्था से अपनेपन की भावना से किया जाए। मंत्री ने कहा कि लक्ष्यों की प्राप्ति मायने रखती है, औचित्य और बहाने नहीं। लक्ष्य की समय रेखा को कई बार आगे बढाने से मूल्य श्रृंखला में सभी हितधारकों के बारे में खराब छवि और धारणा बनती है।


