प्रदेश में 30 अगस्त से फिर बरसेगा मानसून, पटना में गर्मी और तपिश से लोग परेशान, कई जिलों में अलर्ट

पटना। बिहार में इन दिनों मौसम का मिज़ाज लोगों को खासा परेशान कर रहा है। सावन-भादो की ऋतु में आमतौर पर झमाझम बारिश की उम्मीद की जाती है, लेकिन फिलहाल सूरज की तपिश और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। आसमान में हल्के बादल छाए तो रहते हैं, पर बारिश न के बराबर हो रही है। नतीजतन, पटना सहित अधिकांश जिलों में गर्मी और उमस का स्तर तेज़ी से बढ़ गया है। मंगलवार को दिन का तापमान सामान्य से करीब पाँच डिग्री सेल्सियस तक ऊपर चला गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह स्थिति ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं है। 30 अगस्त से एक बार फिर मानसून सक्रिय होगा और राज्य में बारिश का नया दौर शुरू होगा। फिलहाल मानसून की द्रोणिका बिहार से दूर खिसक चुकी है, जिसके कारण वर्षा का असर कमजोर पड़ा है। अन्य मौसमी सिस्टम का भी खास प्रभाव नहीं दिख रहा, इसलिए फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को 13 जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, जहाँ अगले 24 घंटे में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं, 26 जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है, जिसके चलते वहाँ गर्मी और उमस और बढ़ सकती है। जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहाँ अधिकतम तापमान में 1–2 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है। 27 अगस्त को सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जिलों में मध्यम बारिश की उम्मीद जताई गई है, हालांकि स्थिति को देखते हुए वहाँ भी केवल बूंदाबांदी होने की संभावना अधिक है। खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका, जमुई और उत्तर बिहार के अन्य हिस्सों में भी हल्की-फुल्की बारिश ही होगी। दूसरी ओर पटना, गया, बक्सर और दक्षिण बिहार के ज्यादातर जिलों का मौसम शुष्क रहने वाला है। इस बार मानसून उत्तर बिहार की तुलना में दक्षिण बिहार में अधिक मेहरबान साबित हुआ है। गया और नवादा जैसे जिलों में सामान्य से कहीं अधिक बारिश दर्ज हुई है। गया में 25 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जबकि पटना में नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद, पूरे बिहार का औसत देखें तो अब तक 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है। यही वजह है कि किसान चिंतित हैं। खेतों में धान की रोपाई अधूरी है और तालाबों का पानी लगातार घट रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल सूरज की तपिश और उमस से जनजीवन बेहाल है, लेकिन 30 अगस्त से हालात बदलने की उम्मीद है। सितंबर महीने में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और राज्यभर में अच्छी बारिश होने की संभावना है। किसानों को भी उम्मीद है कि आसमान से बरसने वाली बूंदें उनकी फसलों को जीवन देंगी और धरती पर फिर से हरियाली लौटेगी।
