February 20, 2026

मानहानि मामले में कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी, अदालत से कहा- मैं निर्दोष हूं, 9 मार्च को अगली सुनवाई

लखनऊ। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुल्तानपुर जिला न्यायालय में पेश हुए। यहां उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से जुड़ी टिप्पणी के मामले में दर्ज मानहानि केस में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया। कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताया और पूरे मामले को राजनीतिक प्रेरित करार दिया। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख 9 मार्च तय की है।
कोर्ट में पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा
शुक्रवार सुबह राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे सीधे सुल्तानपुर जिला न्यायालय के लिए रवाना हुए। उनकी पेशी को देखते हुए न्यायालय परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहले से ही मुस्तैद थे, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। राहुल गांधी करीब 11 बजे सुल्तानपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट पहुंचे और लगभग आधे घंटे तक वहां मौजूद रहे।
सीआरपीसी 313 के तहत दर्ज हुआ बयान
अदालत में राहुल गांधी का बयान सीआरपीसी यानी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत दर्ज किया गया। इस प्रक्रिया में आरोपी को अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि उनके मुवक्किल ने कोर्ट के सामने साफ कहा कि वह इस पूरे मामले में निर्दोष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन पर लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और यह मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।
राहुल गांधी का पक्ष
राहुल गांधी ने अदालत में कहा कि उन्होंने किसी की छवि खराब करने की नीयत से कोई बयान नहीं दिया था। उनके अनुसार यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक बयानबाजी से जुड़ा हुआ है, जिसे जानबूझकर आपराधिक रंग दिया गया है। अधिवक्ता के मुताबिक राहुल ने अदालत से यह भी कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का उद्देश्य राजनीतिक दबाव बनाना है।
9 मार्च को अगली सुनवाई
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अगली तारीख 9 मार्च तय कर दी। इस दिन आगे की सुनवाई होगी और यह देखा जाएगा कि अभियोजन पक्ष की ओर से कौन-कौन से साक्ष्य पेश किए जाते हैं। मामले की प्रकृति को देखते हुए यह सुनवाई राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है।
कोर्ट से निकलकर लखनऊ रवाना
बयान दर्ज कराने के बाद राहुल गांधी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी के साथ लखनऊ के लिए रवाना हो गए। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की एक बड़ी संख्या भी कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद रही। हालांकि राहुल गांधी ने मीडिया से कोई औपचारिक बातचीत नहीं की।
पिछली सुनवाई में नहीं हो सके थे पेश
इससे पहले 19 जनवरी को राहुल गांधी सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में निर्धारित सुनवाई के दौरान पेश नहीं हो सके थे। उस समय अदालत ने उनकी अनुपस्थिति को ध्यान में रखते हुए अगली तारीख 20 फरवरी तय की थी। शुक्रवार को वह उसी क्रम में अदालत के समक्ष उपस्थित हुए और बयान दर्ज कराया।
2018 का है पूरा मामला
मानहानि से जुड़ा यह मामला अक्टूबर 2018 का है। सुल्तानपुर जिले के हनुमानगंज इलाके के भाजपा के स्थानीय नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ यह शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार अगस्त 2018 में कर्नाटक में एक चुनावी प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी, जिसे शिकायतकर्ता ने मानहानिकारक बताया।
शिकायत में क्या है आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि भारतीय जनता पार्टी ईमानदार और साफ-सुथरी राजनीति की बात करती है, लेकिन पार्टी का नेतृत्व ऐसे व्यक्ति के हाथ में है जिस पर हत्या के मामले का आरोप है। उस समय अमित शाह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। इसी बयान को आधार बनाकर कोर्ट में मानहानि का मामला दर्ज कराया गया था।
फरवरी 2024 में मिली थी जमानत
इस केस में फरवरी 2024 में सुल्तानपुर की अदालत ने राहुल गांधी को जमानत दे दी थी। इसके बाद से यह मामला अलग-अलग चरणों में अदालत में चल रहा है। शुक्रवार की पेशी को इसी प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी कानूनी प्रक्रिया का पूरा सम्मान कर रहे हैं और हर तारीख पर अदालत में पेश हो रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि राजनीतिक विरोध के चलते उनके नेता को कानूनी मामलों में उलझाया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि राहुल गांधी खुद अदालत में पेश होकर अपनी बात रख रहे हैं, जिससे साफ है कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है।
आगे की राह
अब सभी की नजरें 9 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। इस दिन कोर्ट में साक्ष्य पेश किए जाएंगे और यह तय होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ेगा। राजनीतिक हलकों में भी इस केस को लेकर चर्चा तेज है, क्योंकि इसका सीधा संबंध देश की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों से जुड़ा हुआ है। सुल्तानपुर कोर्ट में राहुल गांधी की पेशी ने एक बार फिर मानहानि मामले को सुर्खियों में ला दिया है। अदालत में खुद को निर्दोष बताने और मामले को राजनीतिक साजिश कहने के बाद अब यह देखना अहम होगा कि न्यायिक प्रक्रिया में आगे क्या मोड़ आता है।

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