पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को नहीं मिला टिकट,राजनीति के धरातल में एडजस्टमेंट नहीं हो सका

पटना।बिहार के डीजीपी पद से वीआरएस लेकर राजनीतिक पारी आरंभ करने की लालसा पाले प्रदेश के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे की हसरत पूरी होती नहीं दिख रही है। जिस बक्सर के सीट से गुप्तेश्वर पांडेय चुनाव लड़ने को इच्छुक बताए जाते थे। उस सीट से भाजपा ने परशुराम  चतुर्वेदी को टिकट दे दिया।बताया यह भी जाता है कि पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे आरा के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे।मगर शाहपुर सीट भी बक्सर की भांति जदयू के बजाय भाजपा के कोटे में चली गई।शाहपुर सीट से भाजपा ने मुन्नी देवी को टिकट दिया है।जो यहां से एक बार विधायक रह चुकी है।ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जमकर हो रही है कि बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय संभवतः इस विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक पारी का आगाज करने से चूक जाएंगे।गौरतलब है कि पिछले महीने बिहार डीजीपी के पद से वीआरएस लेकर जदयू में शामिल होने वाले गुप्तेश्वर पांडेय के शाहपुर या बक्सर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा जमकर चल रही थी।मगर दोनों ही सीट जदयू के बजाय भाजपा के कोटे में चली गई।भाजपा में भी टिकट हासिल करने का प्रयास किया गया।मगर भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के दबाव में आकर परशुराम द्विवेदी को बक्सर से घोषित करने के लिए मजबूर हो गई।राजनीतिक सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय अब संभवत बिहार विधानसभा में जदयू के उम्मीदवार नहीं हो सकते हैं।क्योंकि जदयू ने अपने कोटे के सभी 115 सीटों के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है।ऐसे में अब भाजपा मे ही जगह बचती है।जहां से गुप्तेश्वर पांडेय अभी भी किसी सीट से अपनी सामंजस्यता की उम्मीद रख सकते हैं।