शराबबंदी की विफलता से उजड़ा सैंकड़ों घर-परिवार, सिर्फ नाम की रह गयी शराबबंदी : प्रभाकर
- पुलिस प्रशासन व महागठबंधन के नेताओं के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध शराब का धंधा : प्रभाकर
पटना। भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर कुमार मिश्र ने कहा कि प्रदेश में सिर्फ नाम की शराबबंदी रह गयी है। राज्य में शराब की नदियां बह रही है। शराबबंदी की विफलता के कारण अबतक सैंकड़ों घर-परिवार उजड़ चुका है। मिश्र ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बिहार में जहरीली शराब से अबतक सैंकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। मुजफ्फरपुर के मुसहरी थाना क्षेत्र में रविवार को जहरीली शराब ने एक और व्यक्ति की जान ले ली। वही इसके पूर्व पिछले 24 सितंबर को भी जहरीली शराब से 2 लोगों की मौत हो गयी थी, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से बीमार पड़ गये थे। वहीं इसी वर्ष अप्रैल में पूर्वी चंपारण के तुर्कौलिया, हरसिद्धि, सुगौली और पहाड़पुर गांव में जहरीली शराब से 2 दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गयी थी। मिश्र ने आगे कहा कि ऐसी शराबबंदी किस काम की, जो लोगों की जान ले रही है। उन्होंने कहा कि असल में अवैध शराब के कारोबार को पुलिस प्रशासन व महागठबंधन के नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है। शराबबंदी की आड़ में अवैध शराब के कारोबार से महागठबंधन नेता अपनी जेब भर रहे हैं और जहरीली शराब से बेचारी जनता मर रही है।


