बिहार में शराबबंदी नीति से 50 हजार करोड़ का हुआ नुकसान : सुशील मोदी
पटना। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। जिसे शक्ति से लागू कराने का जिम्मा बिहार पुलिस का है। शराबबंदी के बहाने एक बार फिर से बिहार को पूर्व डिप्टी CM व भाजपा सांसद सुशील मोदी ने बिहार की नीतीश सरकार पर करारा हमला बोला है। सुशील कुमार मोदी ने कहा कि केंद्र की NDA सरकार में बिहार की कोई हकमारी नहीं हुई, बल्कि UPA के 10 साल की तुलना में पिछले 9 साल में राज्य को 5 लाख 22 हजार 768 करोड़ रुपये ज्यादा मिले। यह और बात है कि नीतीश कुमार की शराबबंदी नीति के चलते 7 साल में राज्य को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के राजस्व से वंचित रहना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय करों में हिस्से के रूप में भी बिहार को पिछली UPA सरकार की तुलना में 2 लाख 50 हजार 552 करोड़ रुपये अधिक प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि सहायता अनुदान के तौर पर बिहार को UPA के 10 वर्षों के कार्यकाल की अपेक्षा NDA के 9 वर्ष में 1 लाख 81 हजार 216 करोड़ रुपये अधिक मिले। सुशील मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री विजय चौधरी और योजना मंत्री बिजेंद्र यादव बतायें कि विभिन्न मदों में अधिक धनराशि देने के साथ PM पैकेज भी देना बिहार की हकमारी कैसे है? उन्होंने कहा कि स्वाधीनता के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी एक झटके में 32 से बढा कर 42 फीसद कर दी। 10 फीसद की वृद्धि से बिहार जैसे पिछड़े राज्य को सर्वाधिक लाभ हुआ। सुशील मोदी ने कहा कि जिस NDA सरकार ने केंद्रीय करों में राज्य को ज्यादा हिस्सा दिया, उस पर जदयू-राजद के लोग हकमारी करने का झूठा आरोप लगा रहे हैं। वही इस थेथरोलॉजी का जवाब कोई अर्थशास्री नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष तो JDU के पूर्व सांसद और बिहार के अर्थशास्री एन.के सिंह थे। क्या जदयू बिहारी अर्थशास्री पर बिहार की हकमारी का आरोप लगाना चाहता है? सुशील मोदी ने कहा कि वित्त आयोग ने सभी राज्यों के लिए फंडिंग पैटर्न बदला और इससे सबको लाभ हुआ।


