बिहार में बिजली दरों में कटौती की तैयारी, प्रीपेड उपभोक्ताओं को मिल सकती बड़ी राहत

  • प्रति यूनिट 25 पैसे तक सस्ती हो सकती बिजली, शहरी उपभोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ
  • दरों को सरल बनाने के लिए एक समान स्लैब का प्रस्ताव, आज हो सकता है अंतिम निर्णय

पटना। बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आ सकती है। राज्य में बिजली दरों में कमी को लेकर आज बड़ा फैसला होने की संभावना है। खासकर प्रीपेड मीटर उपयोगकर्ताओं के लिए प्रति यूनिट 25 पैसे तक की छूट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को भी एक अप्रैल से करीब 18 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली दरों में संशोधन और दर श्रेणियों को एक करने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी है। इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय आज आयोग की बैठक में लिया जाएगा। निर्णय के बाद राज्य सरकार की ओर से अनुदान की घोषणा भी की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिलने की संभावना है। राज्य में तेजी से लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर धारकों के लिए यह निर्णय विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। प्रस्ताव के तहत जिन उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगे हैं, उन्हें बिजली दरों में प्रति यूनिट 25 पैसे तक की कमी का लाभ मिल सकता है। इससे उनके मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। वर्तमान व्यवस्था के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त या रियायती दर पर दी जा रही है। नई दरें लागू होने के बाद सामान्य उपभोक्ताओं को भी लगभग 18 पैसे प्रति यूनिट की राहत मिलने की संभावना है, जिससे आम लोगों की जेब पर बोझ कुछ कम होगा। बिजली दरों को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अलग-अलग दर श्रेणियों को एक करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। अभी 0 से 100 यूनिट तक और 100 यूनिट से अधिक खपत पर अलग-अलग दरें लागू हैं। वर्तमान में 0 से 100 यूनिट तक करीब 7.42 रुपये प्रति यूनिट और उससे अधिक खपत पर लगभग 8.95 रुपये प्रति यूनिट की दर है। प्रस्ताव के अनुसार, सभी उपभोक्ताओं के लिए एक समान दर लागू की जा सकती है, जो लगभग 7.77 रुपये प्रति यूनिट रहने की संभावना है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल समझने में आसानी होगी और दरों में स्पष्टता आएगी। यदि राज्य सरकार मौजूदा अनुदान व्यवस्था को जारी रखती है, तो उपभोक्ताओं को और अधिक राहत मिल सकती है। अनुमान है कि प्रभावी दर घटकर करीब 4.34 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच सकती है, जो वर्तमान दरों की तुलना में लगभग 18 पैसे प्रति यूनिट कम होगी। इसके साथ ही व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी राहत की संभावना जताई जा रही है। प्रस्ताव के अनुसार, उनके लिए दर श्रेणियों को दो से घटाकर एक किया जा सकता है और स्थायी शुल्क में भी कमी की जा सकती है। न्यूनतम शुल्क को घटाकर करीब 150 रुपये करने पर विचार किया जा रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों को लाभ मिल सकता है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग की बैठक में आज इन सभी प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और स्मार्ट मीटर योजना को भी गति मिलेगी।

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