राबड़ी आवास के बाहर नीतीश के खिलाफ लगा पोस्टर, लिखा- वोट के लिए टोपी पहनी, मुसलमान को वक्फ पर दिया धोखा
पटना। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। इस बार वक्फ संशोधन बिल और एनआरसी जैसे मुद्दों को लेकर विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए को घेरना शुरू कर दिया है। पटना स्थित राबड़ी देवी के आवास के बाहर एक बार फिर विवादित पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें नीतीश कुमार पर वादाखिलाफी और राजनीतिक पलटी मारने के आरोप लगाए गए हैं।
राजनीतिक पोस्टर वार की शुरुआत
मधुबनी जिले के बिस्फी से आरजेडी नेता आरिफ जलानी की ओर से लगाए गए इस पोस्टर में नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला गया है। पोस्टर में लिखा गया है कि मुख्यमंत्री ने वोट लेने के लिए टोपी पहनी और मुस्लिम समाज को वक्फ बोर्ड के मसले पर धोखा दिया। साथ ही आरोप लगाया गया है कि उन्होंने इफ्तार पार्टी के जरिए मुसलमानों का समर्थन हासिल करने की कोशिश की, लेकिन असल में उनके हितों की अनदेखी की। इसमें यह भी कहा गया है कि जनता चुनाव में इसका जवाब देगी।
बीजेपी और जेडीयू का पलटवार
इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने आरजेडी पर पलटवार करते हुए कहा कि लालू यादव ने खुद सदन में वक्फ से जुड़े जो बयान दिए थे, उस पर तेजस्वी यादव को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और एनडीए सरकार ने मुस्लिम समाज के पसमांदा तबके के लिए जो अधिकार तय किए हैं, वह उनके हक में है। प्रवक्ता ने तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि वे केवल नौटंकी कर रहे हैं और उन्हें बिहार के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
जेडीयू का रुख और बचाव
जेडीयू की ओर से भी आरजेडी नेताओं पर निशाना साधा गया है। पार्टी ने कहा कि आरजेडी के कुछ छोटे नेता सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ऐसे पोस्टरबाजी कर रहे हैं, जिसकी घोर निंदा की जाती है। जेडीयू नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार सभी धर्म और जाति के लोगों के लिए समान रूप से काम करने वाले नेता हैं और वक्फ बिल में किया गया संशोधन पसमांदा मुसलमानों को अधिकार दिलाने की दिशा में एक कदम है।
पहले भी लगे हैं ऐसे पोस्टर
यह पहली बार नहीं है जब राबड़ी आवास के बाहर मुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसे पोस्टर लगे हों। इससे पहले 23 और 25 मार्च को भी पोस्टर लगाकर नीतीश कुमार पर तंज कसे गए थे। एक पोस्टर में उन्हें ‘नॉन सीरियस चीफ मिनिस्टर’ बताया गया था, जबकि दूसरे में लिखा गया था कि मुख्यमंत्री धोखेबाज हैं जो वादे निभाते नहीं।
चुनावी माहौल में तेज हो रही बयानबाजी
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बिहार की राजनीति में पोस्टर और बयानों के जरिए हमलों का दौर तेज होता जा रहा है। वक्फ और एनआरसी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक दल अपनी-अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं, और इसका सीधा असर जनता के बीच देखा जा सकता है। आगामी समय में इस बहस के और भी तीखे रूप लेने की संभावना है।


