सहरसा के रेड लाइट एरिया में पुलिस ने की छापेमारी, 15 लड़कियां गिरफ्तार, गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
सहरसा। जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेड लाइट एरिया में छापेमारी की। यह छापेमारी सदर थाना क्षेत्र के भारतीय नगर इलाके में की गई, जहां लंबे समय से देह व्यापार संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल अवैध धंधों में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया, बल्कि आम जनता के बीच यह संदेश भी गया कि कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन गंभीर है।
गोपनीय सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भारतीय नगर इलाके में बाहर से लड़कियों को बुलाकर संगठित तरीके से देह व्यापार कराए जाने की जानकारी काफी समय से मिल रही थी। स्थानीय नागरिकों ने भी इस संबंध में पुलिस को गोपनीय सूचनाएं दी थीं। इन सूचनाओं में बताया गया था कि इलाके में लगातार संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं, जिससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद हेडक्वार्टर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पूरी योजना को गोपनीय रखा गया, ताकि कार्रवाई से पहले किसी को इसकी भनक न लगे और आरोपी भागने में सफल न हो सकें।
सुबह के समय की गई छापेमारी
पुलिस टीम ने रणनीति के तहत सुबह के समय एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से रेड लाइट एरिया में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस को देखकर वहां मौजूद कई लोग भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पहले से की गई घेराबंदी के कारण पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। छापेमारी के दौरान कुल 15 लड़कियों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद सभी को सदर थाना लाया गया, जहां उनसे पूछताछ शुरू की गई। पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
हिरासत में ली गई लड़कियों से पूछताछ
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हिरासत में ली गई लड़कियों में कुछ सहरसा जिले की निवासी हैं, जबकि कुछ अन्य जिलों और राज्यों से लाई गई थीं। पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि इन्हें किसने बुलाया, किस उद्देश्य से यहां रखा गया और इनके पीछे कौन लोग काम कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन लड़कियों को जबरन इस धंधे में धकेला गया था या उन्हें किसी प्रकार का लालच दिया गया था। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला किस हद तक संगठित अपराध और मानव तस्करी से जुड़ा हुआ है।
पुलिस अधिकारियों का बयान
इस पूरे मामले में हेडक्वार्टर डीएसपी ने बताया कि यह छापेमारी पुलिस अधीक्षक के स्पष्ट निर्देश पर की गई है। उन्होंने कहा कि सूचना मिली थी कि रेड लाइट एरिया में सुनियोजित तरीके से देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा है। बाहर से लड़कियों को लाकर यहां रखा जा रहा था और इसके पीछे एक पूरा नेटवर्क सक्रिय था। डीएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल सभी हिरासत में ली गई लड़कियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। यदि मानव तस्करी, जबरन देह व्यापार या अन्य गंभीर अपराधों की पुष्टि होती है, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल हिरासत में ली गई लड़कियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है। इसके लिए पुलिस उन लोगों की तलाश में जुटी है जो इस अवैध धंधे को संचालित कर रहे थे और इससे आर्थिक लाभ उठा रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर कई स्तरों पर लोग शामिल होते हैं, जिनमें दलाल, मकान मालिक और अन्य सहयोगी शामिल हो सकते हैं। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
स्थानीय लोगों में बढ़ा भरोसा
इस कार्रवाई के बाद भारतीय नगर और आसपास के इलाकों के लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रेड लाइट एरिया में लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थीं, जिससे क्षेत्र का सामाजिक माहौल बिगड़ रहा था। कई बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही थी, लेकिन इस छापेमारी से लोगों को राहत मिली है। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस की इस सख्ती से न केवल देह व्यापार जैसे अवैध धंधों पर रोक लगेगी, बल्कि इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल भी बेहतर होगा।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो वे बिना किसी डर के पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि समाज को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने के लिए जनता और पुलिस के बीच सहयोग जरूरी है। आने वाले समय में भी ऐसे अवैध धंधों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा और कानून तोड़ने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।


