February 23, 2026

नालंदा में आर्केस्ट्रा अड्डे पर पुलिस की छापेमारी: मानव तस्करी का खुलासा, यूपी की 9 नाबालिक कराई गई मुक्त

नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में मानव तस्करी और नाबालिग बालिकाओं के शोषण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में पुलिस और विभिन्न संस्थाओं की संयुक्त टीम ने सरमेरा थाना क्षेत्र स्थित एक आर्केस्ट्रा अड्डे पर छापेमारी कर 9 नाबालिग बालिकाओं को मुक्त कराया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के निर्देश पर की गई। इस दौरान मौके से एक महिला और एक पुरुष को हिरासत में लिया गया है, जबकि आर्केस्ट्रा संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, सरमेरा बाजार के चेरो रोड स्थित एक मकान में आर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिग बालिकाओं को अवैध रूप से रखा जा रहा था और उनका शोषण किया जा रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी कर पूरे परिसर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान 9 नाबालिग बालिकाओं को संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया, जिन्हें तत्काल सुरक्षित मुक्त कराया गया। मुक्त कराई गई सभी नाबालिग बालिकाएं उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र की निवासी बताई गई हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आर्केस्ट्रा का संचालक भी उसी क्षेत्र का रहने वाला है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह मामला एक संगठित मानव तस्करी गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर या जबरन यहां लाकर उनका शोषण कर रहा था। इस रेस्क्यू अभियान में दिल्ली स्थित रेस्क्यू फाउंडेशन के जांच अधिकारी अक्षय पांडेय, मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह और पश्चिम बंगाल के रेस्क्यू एंड रिलीफ फाउंडेशन के प्रतिनिधि सिद्धांत घोष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य धनंजय कुमार और अन्य अधिकारियों ने भी अभियान में सहयोग किया। पूरी कार्रवाई का समन्वय नालंदा पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में किया गया, जिसमें महिला थाना पुलिस, अनैतिक मानव व्यापार निरोधक इकाई, पुलिस लाइन बल और सरमेरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी। सरमेरा थाना अध्यक्ष साकेंद्र कुमार ने बताया कि रेस्क्यू के बाद सभी नाबालिग बालिकाओं को महिला पुलिस कर्मियों की निगरानी में थाना लाया गया। उनकी चिकित्सीय जांच कराई गई, ताकि उनके स्वास्थ्य की स्थिति का पता लगाया जा सके और किसी प्रकार के शारीरिक या मानसिक शोषण की पुष्टि हो सके। इसके बाद सभी बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहां उनके पुनर्वास और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस द्वारा बालिकाओं से प्रारंभिक पूछताछ में मानव तस्करी से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसमें यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बालिकाओं को किस प्रकार यहां लाया गया, इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या यह एक बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। इस मामले में सरमेरा थाना में संबंधित आर्केस्ट्रा संचालकों और अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई मानव तस्करी और नाबालिगों के शोषण के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग और विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं के सहयोग से ऐसे अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस तरह के अवैध अड्डों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और समाज में सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा।

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