PM मोदी के समीक्षा बैठक में शामिल हुए CM नीतीश, बोले- दो कोवास-8800 मशीन बिहार को उपलब्ध कराएं
बिहार में कोविड-19 से 450 लोगों की हो चुकी है मौत

पटना। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 की अद्यतन स्थिति को लेकर 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के समीक्षा बैठक की। बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान सीएम नीतीश ने अपने संबोधन में कहा कि कोविड-19 को लेकर प्रधानमंत्री के साथ पहले भी और बैठकें हुई हैं, जिसमें अनेक बिंदुओं पर विमर्श हुआ है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह से बिहार में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं, अब तक राज्य में 82,741 कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं, जिनमें एक्टिव मरीज 28 हजार 151 हैं। जबकि 54.139 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं और अब तक बिहार में 450 लोगों की मौत हो चुकी हैं। राज्य का रिकवरी रेट 65.43 प्रतिशत है। पहले से जांच की संख्या अधिक होने से पॉजिटिव केसेज 7.5 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत पर आ गये हैं। राज्य का मृत्यु दर 0.54 प्रतिशत है। अब तक कुल 10 लाख 97 हजार 252 लोगों के कोरोना संक्रमण की जांच की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रतिदिन 75 हजार 346 जांच की जा रही है। 6100 जांच आरटीपीसीआर मशीन द्वारा की जा रही है, जिसमें सरकारी जांच केंद्रों पर 4900 और निजी जांच केंद्रों पर 1200 जांच किए जा रहे हैं। वहीं 4400 जांच ट्रू-नेट मशीन द्वारा की जा रही है और 65 हजार जांच रैपिड एंटीजन किट्स के द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राइमरी हेल्थ सेंटर तक जांच की व्यवस्था की गई है। सभी कंटेनमेंट जोन में 100 प्रतिशत जांच करायी जा रही है। बाढ़ राहत केंद्रों और सामुदायिक रसोई केंद्रों पर भी सभी लोगों की कोरोना संक्रमण की जांच करायी जा रही है।
सीएम नीतीश ने बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए त्रिस्तरीय इलाज की व्यवस्था की गई है। 310 कोविड केयर सेंटर, 150 डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर और 10 मेडिकल कॉलेजों में डेडिकेटेड कोविड हेल्थ अस्पताल कार्यरत हैं। अभी 32 हजार 124 बेड उपलब्ध हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 70 हजार करने की कोशिश की जा रही है। 10 हजार 482 आॅक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध है, जिसमें 2482 आॅक्सीजन गैस पाइप के माध्यम से तथा 8 हजार आक्सीजन सिलिंडर के माध्यम से बेडों तक आक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि पीएम केयर फंड के माध्यम से 500 बेड के दो कोविड अस्पतालों का निर्माण पटना के पास बिहटा और मुजफ्फरपुर में कराया जा रहा है। राज्य का जनसंख्या घनत्व 1102 है, जो कि राष्ट्रीय औसत 382 की तुलना में काफी अधिक है। जनसंख्या घनत्व अधिक होने के कारण इस तरह की परिस्थितियों से निपटने में और ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि 5 और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था की जा रही है, जिससे जांच की संख्या 2300 और बढ़ जाएगी। शीघ्र ही 10 आरटीपीसीआर मशीन और आरएन एक्सट्रक्टर मशीन की खरीद की जाएगी, जिससे 5 हजार जांच की क्षमता और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से आग्रह है कि दो कोवास-8800 मशीन बिहार को उपलब्ध करायी जाये, जिससे प्रतिदिन जांच की संख्या 7200 और बढ़ जायेगी। इस तरह आरटीपीसीआर जांच 20 हजार 600 प्रतिदिन कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि 10 लीटर अथवा अधिक की क्षमता वाले 5000 आॅक्सीजन कान्सेन्ट्रेटर की आपूर्ति की जाये। केन्द्र सरकार से आग्रह है कि 3000 हाई फ्लो नेजल कैनुला उपलब्ध करायी जाए जिससे गंभीर लक्षण वाले मरीजों को भी आॅक्सीजन की उपलब्धता आसानी से हो सके। इससे मरीजों को 40-60 लीटर प्रति मिनट आॅक्सीजन दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों का लक्ष्य है प्रतिदिन 1 लाख से अधिक कोरोना संक्रमण की जांच हो। बिहार में हम सभी लोगों की टेस्टिंग कराना चाहते हैं, जिससे कोरोना संक्रमितों की पहचान कर उनका बचाव किया जा सके।

