February 13, 2026

नियोजित शिक्षकों को लम्बे संघर्ष के बाद मिला सुखद परिणाम : सम्राट चौधरी

पटना। बिहार में नीतीश सरकार ने नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का एलान कर दिया है। वहीं नीतीश सरकार के इस निर्णय के बाद से राज्य की सियासत तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने राज्य के करीब 4 लाख नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिए जाने पर कहा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के खून से शिक्षकों को न्याय मिला है। सरकार के निर्णय को उन्होंने भाजपा के संघर्षों व लम्बी लड़ाई की जीत बताया है। उन्होंने आगे कहा की बिहार के सभी नियोजित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा है कि लम्बे संघर्ष का यह सुखद परिणाम है। उन्होंने आगे कहा कि नियोजित शिक्षकों की मांगों पर बिहार की वर्तमान सरकार के अड़ियल रवैये को लेकर भाजपा ने सदन से लेकर सड़कों तक लड़ाई लड़ी है। 13 जुलाई, 23 को शिक्षकों की मांगों को लेकर सड़कों पर आए BJP कार्यकर्ताओं पर सरकार ने बर्बरतापूर्ण कातिलाना हमला किया। जिसमें भाजपा के एक नेता की हत्या और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को लहूलुहान कर दिया गया। वही इसके पूर्व जहरीली शराब से मरने वालों के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए भी बीजेपी ने अपने संघर्षों से सरकार को विवश किया। जनाकांक्षाओं की उपेक्षा करने वाली सरकार को अंततः भाजपा की मांग को माननी पड़ी। चौधरी ने आगे कहा कि भाजपा बिहार के विकास के साथ ही बिहारवासियों के हितों के लिए सदैव संघर्ष के लिए तत्पर रहने वाली पार्टी है। सरकार की जनविरोधी नीतियों से भाजपा कभी समझौता नहीं करेगी। जहां भी अन्याय होगा, हकमारी होगी वहां भाजपा किसी भी तरह की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने आगे कहा कि देश के साथ ही बिहार के लोगों को भी BJP पर भरोसा है। भाजपा ही विकास और न्याय का पर्याय है। आने वाले चुनावों में बिहार की जनता पूरी तरह से भाजपा के साथ है। जनाकांक्षाओं की उपेक्षा करने वाली सरकार और पार्टियों को जनता सबक सिखायेगी।

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