भारतीय दिग्गज क्रिकेटर पीयूष चावला का क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास, इंस्टाग्राम पोस्ट से की घोषणा
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के एक अनुभवी और कामयाब स्पिन गेंदबाज पीयूष चावला ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। 20 वर्षों के लंबे और यादगार करियर को अलविदा कहते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर की, जिसमें अपने क्रिकेट जीवन की अहम झलकियों और यादों को समेटा। पीयूष चावला ने इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल नोट के साथ लिखा, *“इस अध्याय को समाप्त कर रहा हूं! खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास ले रहा हूं। इस खूबसूरत सफर के दौरान समर्थन के लिए आप सभी का धन्यवाद। मैदान पर दो दशक से अधिक समय बिताने के बाद अब इस खूबसूरत खेल को अलविदा कहने का समय आ गया है।” उन्होंने अपने करियर की सबसे अहम उपलब्धियों को याद करते हुए लिखा कि भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करना, 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जैसे ऐतिहासिक टूर्नामेंटों का हिस्सा बनना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। उन्होंने लिखा, *“इस अविश्वसनीय सफर का हर पल किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। ये यादें हमेशा मेरे दिल में रहेंगी। पीयूष चावला ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पहले सीजन यानी 2008 से ही इसमें भाग लिया और इसे अपने करियर का एक विशेष अध्याय बताया। उन्होंने पंजाब किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स और आखिरी बार मुंबई इंडियंस जैसी प्रमुख टीमों का प्रतिनिधित्व किया। अपने आईपीएल करियर में उन्होंने कुल 192 मैच खेले और इतने ही विकेट भी चटकाए। यह एक दुर्लभ उपलब्धि है कि जितने मैच खेले, उतने ही विकेट उनके नाम दर्ज हुए।हालांकि, आईपीएल 2025 की नीलामी में वह अनसोल्ड रहे थे। उन्होंने 50 लाख रुपये का बेस प्राइस रखा था, लेकिन किसी भी फ्रेंचाइज़ी ने उन पर दांव नहीं लगाया। इसके बाद उन्होंने मौजूदा सीजन की समाप्ति के साथ ही क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया। पीयूष चावला ने भारत के लिए 2006 में मोहाली टेस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। इसके बाद 2007 में वनडे और 2010 में टी20 डेब्यू किया। उन्होंने भारत के लिए 3 टेस्ट, 25 वनडे और 7 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले, जिसमें क्रमशः 7, 32 और 4 विकेट हासिल किए। संन्यास की घोषणा के दौरान उन्होंने बीसीसीआई, उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA), गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) और अपने सभी कोचों का आभार जताया। उन्होंने अपने परिवार को भी अपनी ताकत बताते हुए विशेष रूप से अपने दिवंगत पिता को याद किया। उन्होंने लिखा, “मेरे स्वर्गीय पिताजी का विशेष उल्लेख कर रहा हूं, जिनके विश्वास ने मुझे भरोसा दिलाया। उनके बिना यह सफर कभी संभव नहीं हो पाता। पीयूष चावला का करियर भारतीय क्रिकेट के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने ना सिर्फ भारत को दो वर्ल्ड कप जिताने वाली टीमों का हिस्सा बनकर गौरव बढ़ाया, बल्कि घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में भी अपनी उपयोगिता सिद्ध की। उनके संन्यास के साथ ही भारतीय क्रिकेट एक अनुभवी लेग स्पिनर को अलविदा कह रहा है।


