गांधी जयंती पर पटना में त्रिदिवसीय फोटो प्रदर्शनी सह खादी मेला शुरू, डिप्टी सीएम बोले- गांधी और खादी को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी

पटना। रीजनल आउटरीच ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, पटना के द्वारा त्रिदिवसीय फोटो प्रदर्शनी सह खादी मेला शनिवार से शुरू हो गया। बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर, बिहार ललित कला अकादमी, पटना में महात्मा गांधी के जीवन एवं आजादी का अमृत महोत्सव पर आयोजित इस फोटो प्रदर्शनी सह खादी मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान चित्र प्रदर्शनी, पुस्तक प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैली, परिचर्चा, संगोष्ठी, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, चित्रांकन प्रतियोगिता, स्वच्छता, श्रमदान व वृक्षारोपण समेत कई कार्यक्रम होंगे।


मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्घाटन संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी और खादी आज संस्थागत रूप से हमारे दिलों में बसे हुए हैं। गांधीजी के 27 बार बिहार की यात्रा करने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने गांधी जी के लिए प्रक्षेपण मंच का काम किया। चंपारण की धरती से गांधी जी का जो अभियान चला, वह आगे चलकर संपूर्ण भारत की आजादी का सबब बना। उन्होंने जो हथियार हमें दिए हैं वह दिखाई नहीं देते, क्योंकि उनका भौतिक स्वरूप नहीं है। गांधी जी के द्वारा दिए गए सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह जैसे अभौतिक हथियारों के बारे में आने वाली पीढ़ी को विश्वास नहीं होगा। लेकिन पीढ़ी दर पीढ़ी गांधी जी के विचारों और संदेशों को सहेजकर कैसे रखा जाए, यह एक यक्ष प्रश्न है। यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि युवा पीढ़ी को हम गांधी जी के दर्शन और उनके कर्मों के बारे में बताएं। यदि हम आने वाले भारत को स्वर्णिम भारत बनाना चाहते हैं, तो युवाओं और नई पीढ़ी को अपनी आदतों में गांधी जी के विचारों को शामिल करना होगा।
कार्यक्रम की शुरूआत से पूर्व उपमुख्यमंत्री ने एक साइकिल रैली को भी परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भूतपूर्व एनसीसी कैडेटों की संस्था उड़ान के युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।


वहीं बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि गांधीजी के ऊपर लगाई गई ऐसी प्रदर्शनी को देखकर सुकून मिलता है। कहा कि सभी स्कूलों को भी सूचित किया जाना चाहिए, ताकि बच्चे ऐसी प्रदर्शनी को देख सकें, क्योंकि इनसे किताब पढ़ने से भी ज्यादा जानकारी मिलती है। उन्होंने बिहार के सभी जिलों में ऐसी प्रदर्शनी आयोजित किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि खादी मात्र एक वस्त्र नहीं बल्कि एक विचार है, जो हमारे देश की आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी है। इस मौके पर उन्होंने बिहार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग से अनुरोध किया कि गांधीजी पर एक लेजर-शो का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी को नए माध्यम से अपने इतिहास को देखने और सीखने का अवसर मिल सके।


कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित बिहार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री आलोक रंजन ने कहा कि गांधीजी और शास्त्री जी का जन्म दिन होने के कारण आज का दिन प्रेरणा का दिन है। उन्होंने कहा कि खादी स्वच्छता, अस्पृश्यता, अहिंसा और कमजोरों के लिए काम करना ही गांधी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम को एनसीसी बिहार-झारखंड निदेशालय के अपर महानिदेशक एम. इंद्रबालन ने भी संबोधत किया। इससे पूर्व रीजनल आउटरीच ब्यूरो, पटना के अपर महानिदेशक एसके मालवीय ने स्वागत भाषण दिया। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान लोकगीत गायिका नीतू नवगीत ने गांधी जी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन को तेने कहिए और रघुपति राघव राजा राम का’ गायन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एफओबी, छपरा के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी पवन कुमार सिन्हा और आरओबी पटना की अंजना झा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन एफओबी, छपरा के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी सर्वजीत सिंह ने किया।

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