February 25, 2026

पीएमसीएच में बच्चा चोर महिला को लोगों ने पकड़ा, नवजात को लेकर भागी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

पटना। राजधानी पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नवजात शिशु चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में जन्म के महज तीन घंटे बाद एक नवजात शिशु को चोरी करने का प्रयास किया गया। हालांकि अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों और परिजनों की तत्परता से आरोपी महिला को अस्पताल परिसर के मुख्य गेट के पास पकड़ लिया गया और नवजात शिशु को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार बुद्ध मार्ग स्थित कमला नेहरू नगर बस्ती की एक महिला को सोमवार सुबह पीएमसीएच के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। महिला ने सुबह करीब 8 बजकर 5 मिनट पर एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात को वार्ड में रखा गया था। इसी बीच महिला का पति कुछ आवश्यक कार्य से वार्ड से बाहर चला गया, जिससे प्रसूता कुछ समय के लिए वार्ड में अकेली रह गई। इसी दौरान वार्ड में मौजूद जैकी कुमारी नामक एक महिला ने खुद को प्रसूता का रिश्तेदार बताकर उससे बातचीत शुरू की और विश्वास जीत लिया। आरोपी महिला ने सामान्य बातचीत के माध्यम से प्रसूता को भरोसे में लिया और वार्ड में ही मौजूद रही। दोपहर करीब एक बजे जब प्रसूता थकान के कारण सो गई, तो आरोपी महिला ने मौके का फायदा उठाया और नवजात शिशु को गोद में लेकर कपड़े में छिपा लिया। इसके बाद वह चुपचाप वार्ड से बाहर निकल गई और अस्पताल परिसर से बाहर जाने की कोशिश करने लगी। कुछ देर बाद जब प्रसूता का पति वापस वार्ड में लौटा और बच्चे को गायब पाया, तो उसने तुरंत अस्पताल कर्मियों और परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वार्ड में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल अस्पताल प्रशासन तथा पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पीएमसीएच में तैनात पुलिस और सुरक्षाकर्मी सक्रिय हो गए और अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज में एक महिला संदिग्ध हालत में अस्पताल परिसर के गेट की ओर जाती हुई दिखाई दी, जिसके हाथ में कपड़े में लिपटा नवजात शिशु था। फुटेज के आधार पर सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को अस्पताल गेट के पास स्थित दुर्गा मंदिर के निकट पकड़ लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और गुस्साई भीड़ ने आरोपी महिला की पिटाई भी कर दी। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने स्वीकार किया कि उसकी शादी तीन वर्ष पहले मध्य प्रदेश में हुई थी, लेकिन संतान न होने के कारण उसे ससुराल में लगातार ताने और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। इसी मानसिक दबाव के चलते उसने नवजात शिशु चोरी करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पीएमसीएच अधीक्षक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना पुराने गायनी वार्ड में हुई है। उन्होंने कहा कि नए भवन में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सख्त है और इस घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत किया जा रहा है। अब वार्ड में भर्ती प्रत्येक मरीज के लिए केवल एक परिजन को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी और इसके लिए पहचान-पत्र आधारित प्रवेश कार्ड जारी किया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल परिसर में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाएगी और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने नवजात शिशु को उसकी मां को सुरक्षित सौंप दिया है। इस घटना ने राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में पटना शहर में नवजात शिशु चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिससे अस्पताल प्रशासन और पुलिस दोनों सतर्क हो गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी महिला ने यह कदम अकेले उठाया या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है।

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