February 27, 2026

समस्तीपुर में विक्षिप्त युवक को बच्चा चोर समझकर लोगों ने पीटा, पुलिस ने उग्र भीड़ से बचाया

समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले में गुरुवार रात अफवाह के आधार पर एक युवक को बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने घेर लिया। मामला बंगरा थाना क्षेत्र के मुर्गियाचक चौक के पास का है, जहां एक युवक को एक बच्चे से बातचीत करते देख लोगों को संदेह हुआ। संदेह के आधार पर शुरू हुई पूछताछ कुछ ही देर में उग्र रूप ले बैठी और भीड़ ने युवक को बच्चा चोर करार देते हुए घेर लिया। स्थिति तनावपूर्ण हो गई और युवक के साथ मारपीट की आशंका उत्पन्न हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ के बीच फंसे युवक को सुरक्षित निकालकर अपने साथ ले गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात एक युवक मुर्गियाचक चौक के पास एक बच्चे से बातचीत कर रहा था। आसपास मौजूद कुछ ग्रामीणों को यह गतिविधि संदिग्ध लगी। लोगों ने बच्चे से पूछताछ की कि वह युवक कौन है, लेकिन बच्चा उसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। इसी आधार पर कुछ लोगों ने आशंका जताई कि युवक बच्चा चोर हो सकता है। देखते ही देखते वहां भीड़ इकट्ठा हो गई और माहौल गर्माने लगा। कुछ लोगों ने युवक को पकड़ लिया और उसे बच्चा चोर बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि युवक के साथ मारपीट की नौबत आ गई। हालांकि, मौके पर मौजूद कुछ समझदार लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को बिगड़ने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस के पहुंचने में थोड़ी देर होने के कारण गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। जब पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची तो ग्रामीणों ने उनके साथ बहस शुरू कर दी। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया कि बिना पुष्टि के किसी पर आरोप लगाना और हिंसा करना कानूनन अपराध है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ के बीच फंसे युवक को बाहर निकाला और उसे पुलिस वाहन में बैठाकर सुरक्षित स्थान पर ले गई। अपर पुलिस अधीक्षक संजय पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवक से पूछताछ की जा रही है और उसके परिवार के सदस्यों को सूचना दे दी गई है। युवक की पृष्ठभूमि और पहचान की पुष्टि की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वह उस इलाके में कैसे पहुंचा और उसका उद्देश्य क्या था। अपर पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने कहा कि बच्चा चोरी की अफवाहें अक्सर बेगुनाह लोगों को हिंसा का शिकार बना देती हैं। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना देना ही उचित कदम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में बच्चा चोरी की अफवाहें विभिन्न माध्यमों से फैल रही हैं, जिसके कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में बच्चा चोरी से संबंधित कोई प्रमाण नहीं मिला है और युवक मानसिक रूप से बीमार लग रहा है। करीब एक घंटे तक सड़क जाम रहने के बाद पुलिस के समझाने पर स्थिति सामान्य हुई और यातायात बहाल किया गया। फिलहाल युवक को पुलिस ने अपने संरक्षण में रखा है और आगे की जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अफवाहें कितनी खतरनाक हो सकती हैं और समाज में कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं।

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