पटना में ट्रैफिक व्यवस्था होगी स्मार्ट, 17 नए ऑटोमेटिक सिग्नल लगेंगे, 45 चौराहों पर होगी डिजिटल निगरानी
पटना। राजधानी पटना की ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने के लिए पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शहर में 17 नए स्थानों पर ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे, जो आधुनिक कैमरों और सेंसर तकनीक से लैस होंगे। इन नए सिग्नलों के लगने के बाद शहर में कुल ट्रैफिक सिग्नलों की संख्या 28 से बढ़कर 45 हो जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करना, जाम की समस्या को कम करना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की हाल ही में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद शहर के विभिन्न व्यस्त चौराहों और प्रमुख मार्गों का विस्तृत सर्वेक्षण कराया गया। इस सर्वेक्षण में कुल 25 स्थानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 17 स्थानों को नए ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए उपयुक्त पाया गया, जबकि 8 स्थानों को तकनीकी और भौगोलिक कारणों से अनुपयुक्त घोषित कर दिया गया। स्मार्ट सिटी अधिकारियों के अनुसार, नए ट्रैफिक सिग्नल इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े होंगे। इससे ट्रैफिक की वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी और जरूरत के अनुसार सिग्नल के संचालन को नियंत्रित किया जा सकेगा। इन सिग्नलों में लगे कैमरे और सेंसर वाहनों की संख्या और गति के आधार पर ट्रैफिक सिग्नल को स्वतः नियंत्रित करेंगे, जिससे यातायात का प्रवाह सुचारू बना रहेगा। सर्वेक्षण के आधार पर जिन स्थानों पर नए ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे, उनमें मीठापुर न्यू बाइपास, मलाही पकड़ी पुल के नीचे, करबिगहिया पेट्रोल पंप, मुन्ना चौक, डीपीएस मोड़, गोला रोड, रूपसपुर पुल के दोनों ओर, आरा गार्डन मोड़, अंबेडकर पथ, त्रिभुवन मोड़, आयुक्त कार्यालय मोड़, स्वामी नंदन तिराहा, गौरिया टोली, जीपीओ पुल के नीचे, डंका इमली गोलंबर, एनआईटी मोड़ और आर ब्लॉक के नीचे प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये सभी स्थान शहर के प्रमुख और व्यस्त चौराहे हैं, जहां अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या देखी जाती है। वहीं, सर्वेक्षण के दौरान आठ स्थानों को ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए अनुपयुक्त पाया गया। इनमें आरपीएस मोड़, जहां मेट्रो निर्माण कार्य चल रहा है, जीपीओ के ऊपर पुल होने के कारण तकनीकी बाधा, चिल्ड्रेन पार्क के पास तकनीकी समस्याएं, अगमकुआं आरओबी, पूरब दरवाजा, चौक थाना, विसंभरपुर और बिहटा चौक शामिल हैं। इन स्थानों पर सड़क की चौड़ाई कम होने या निर्माण कार्य चलने के कारण फिलहाल सिग्नल लगाना संभव नहीं है। स्मार्ट सिटी अधिकारियों का कहना है कि इन आधुनिक ट्रैफिक सिग्नलों के लगने से शहर में ट्रैफिक प्रबंधन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से ट्रैफिक की लगातार निगरानी की जा सकेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि नए ट्रैफिक सिग्नलों के लगने से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और जाम से राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का भी कहना है कि स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम आधुनिक शहरों की आवश्यकता है और इससे यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बताया कि जल्द ही इन नए ट्रैफिक सिग्नलों की स्थापना का कार्य शुरू किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर इन्हें चालू कर दिया जाएगा। इस पहल से पटना शहर को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।


