पटना को मिलेगी जलजमाव से राहत, मानसून से पहले 8 नए जल निकासी पंपिंग स्टेशन तैयार
- राजीव नगर से पटना सिटी तक बने अत्याधुनिक केंद्र, 95 प्रतिशत कार्य पूरा
- उच्च क्षमता वाले पंपों से तेज जल निकासी की व्यवस्था, बुडको ने पूरी की तैयारी
पटना। राजधानी पटना में हर साल मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए अब राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों ने ठोस कदम उठाए हैं। पटना को जल्द ही आठ नए जल निकासी पंपिंग स्टेशन की सौगात मिलने जा रही है, जिससे शहर के कई इलाकों को जलजमाव से राहत मिलने की उम्मीद है। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा इन परियोजनाओं को तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी पंपिंग स्टेशनों का निर्माण कार्य लगभग 95 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है और इन्हें मानसून से पहले ही चालू कर दिया जाएगा। ये नए पंपिंग स्टेशन राजीव नगर, दीघा कैनाल, आनंद बाजार दानापुर, टीवी टावर, दशरथा, नंदलाल छपरा, बकरी बाजार बाजार समिति और प्रेम कुंज पहाड़ी जैसे प्रमुख इलाकों में बनाए जा रहे हैं। इन स्थानों का चयन इस आधार पर किया गया है कि यहां बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या अधिक गंभीर रूप से सामने आती रही है। बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि पटना के शहरी क्षेत्र में मानसून के दौरान जल निकासी को सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि इन नए पंपिंग स्टेशनों के शुरू होने से शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी के जमाव की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इन पंपिंग स्टेशनों की सबसे बड़ी विशेषता इनमें लगाए गए उच्च क्षमता वाले जल निकासी पंप हैं। ये आधुनिक तकनीक से लैस पंप भारी बारिश के दौरान तेजी से पानी निकालने में सक्षम होंगे। इससे सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में पानी जमा नहीं होगा और लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी पंपिंग स्टेशनों को अलग-अलग क्षमता के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार जल निकासी सुनिश्चित की जा सके। शहर के पश्चिमी हिस्से दानापुर से लेकर पूर्वी क्षेत्र पटना सिटी और बाइपास तक इनका प्रभाव देखने को मिलेगा। बुडको द्वारा पहले से ही शहर में 56 स्थायी और 35 अस्थायी जल निकासी पंपिंग स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं। इनकी मदद से हर वर्ष मानसून के दौरान जल निकासी का काम किया जाता है। अब इन आठ नए केंद्रों के जुड़ने से यह व्यवस्था और अधिक मजबूत हो जाएगी। शहर में जलजमाव की समस्या लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। कई इलाकों में हल्की बारिश के बाद भी सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे यातायात बाधित होता है और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इन नए पंपिंग स्टेशनों से स्थिति में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन पंपिंग स्टेशनों का संचालन प्रभावी ढंग से किया गया, तो पटना में जल निकासी व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि इसके साथ-साथ नालों की नियमित सफाई और जल निकासी मार्गों का रखरखाव भी जरूरी होगा, ताकि प्रणाली पूरी तरह कारगर साबित हो सके। प्रशासन ने भरोसा जताया है कि इस बार मानसून के दौरान पटना में जलजमाव की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर रहेगी। नागरिकों को भी अपील की गई है कि वे नालों में कचरा न डालें और सफाई व्यवस्था में सहयोग करें, ताकि नई व्यवस्था का पूरा लाभ मिल सके। पटना में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मानसून से पहले इन पंपिंग स्टेशनों के चालू होने से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और हर साल की परेशानी से निजात मिल सकती है।


