February 26, 2026

आम लोगों के लिए आज नहीं चलेगी पटना मेट्रो, भूतनाथ से मलाही पकड़ी स्टेशन तक होगा ट्रायल रन

पटना। राजधानी पटना में मेट्रो परियोजना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार को भूतनाथ से मलाही पकड़ी स्टेशन के बीच मेट्रो ट्रेन का परीक्षण संचालन किया जाएगा। इस कारण आज मेट्रो सेवा आम यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि भूतनाथ और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बीच चल रही मेट्रो सेवा को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, जिसे शुक्रवार से पुनः सामान्य रूप से शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण संचालन मेट्रो के नए विस्तारित खंड की तकनीकी और सुरक्षा क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। भूतनाथ से मलाही पकड़ी स्टेशन के बीच की कुल दूरी 2.75 किलोमीटर है। इस खंड पर मेट्रो ट्रेन को अलग-अलग गति से चलाकर पटरियों की मजबूती, ब्रेक प्रणाली, सिग्नल प्रणाली और स्टेशनों के बीच समन्वय की विस्तृत जांच की जाएगी। यह प्रक्रिया मेट्रो परिचालन को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक मानी जाती है। इस परीक्षण संचालन में पटना मेट्रो और दिल्ली मेट्रो रेल निगम की संयुक्त टीम भाग ले रही है। पहले कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी यानी मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त की टीम को 25 फरवरी को निरीक्षण के लिए आना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से उनका दौरा स्थगित हो गया। अब यह निरीक्षण मार्च महीने में किया जाएगा। सुरक्षा आयुक्त की टीम द्वारा सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही मेट्रो के नए खंड पर नियमित परिचालन की अंतिम अनुमति दी जाएगी। वर्तमान में पटना मेट्रो का परिचालन भूतनाथ से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बीच 3.45 किलोमीटर के ऊंचे ट्रैक पर किया जा रहा है। नए खंड के जुड़ने के बाद पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक कुल 6.2 किलोमीटर लंबे ऊंचे ट्रैक पर मेट्रो सेवा उपलब्ध हो जाएगी। इस मार्ग पर कुल पांच स्टेशन होंगे, जिनमें पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरोमाइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकड़ी स्टेशन शामिल हैं। खेमनीचक स्टेशन को एक महत्वपूर्ण विनिमय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां से कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 दोनों दिशाओं में मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। इस कारण इस स्टेशन के निर्माण में अतिरिक्त समय लग रहा है। यह स्टेशन भविष्य में यात्रियों के लिए एक प्रमुख संपर्क केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जिससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा। पटना मेट्रो परियोजना के अंतर्गत शहर में कुल 31.9 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का निर्माण प्रस्तावित है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 13,365 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस परियोजना में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की भागीदारी है। इसके अलावा जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी से भी वित्तीय सहायता के रूप में ऋण लिया गया है। परियोजना के दूसरे चरण में खेमनीचक से मीठापुर के बीच मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी। इस मार्ग में खेमनीचक, जगनपुरा, रामकृष्णानगर और मीठापुर स्टेशन शामिल होंगे। इस खंड पर ऊंचे ट्रैक के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। बिजली के खंभे लगाने का काम शुरू हो चुका है और जल्द ही पटरियों को बिछाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। पटना मेट्रो परियोजना को राजधानी के यातायात ढांचे को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके शुरू होने से शहर में यातायात की समस्या कम होगी और लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होगी। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण संचालन सफल होने और सुरक्षा आयुक्त की मंजूरी मिलने के बाद नए खंड पर मेट्रो सेवा शुरू करने की तिथि तय की जाएगी। इससे राजधानी के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा। फिलहाल आम यात्रियों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि परीक्षण संचालन बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

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