राजद का विधानसभा मार्च : डाकबंगला बना रणक्षेत्र, जमकर बरसाए गए पत्थर, दर्जनों कार्यकर्ता घायल, तेज-तेजस्वी ने दी गिरफ्तारी, एफआईआर दर्ज
पटना। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत राजधानी पटना के गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से राजद विधानसभा का घेराव करने के लिए सड़क पर उतरा। सैंकड़ों की संख्या में रहे राजद नेता व कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने निकले, मार्च डाकबंगला पहुंचा तो पहले से भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों ने मार्च को आगे जाने से रोक दिया। इस पर प्रदर्शनकारी बिफर गए और सड़क पर जमकर उपद्रव मचाना शुरू कर दिया।

राजद सुप्रीमो लालू यादव के दोनों लाल तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव के नेतृत्व में बेरोजगारी, महंगाई, राज्य में बदतर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ विधानसभा मार्च निकाला गया था। इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने एक पुलिस के जवान का सिर फोड़ दिया। इसके बाद राजद कार्यकर्ताओं और पुलिस की तरफ से शुरू हुई पत्थरबाजी में पत्रकार का भी सिर फूट गया। पुलिस ने हालात बेकाबू होता देख लाठीचार्ज कर दिया। दुकानों और मार्केट में छिपे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने खोज-खोज कर बेरहमी से पीटा। इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने गाड़ियों में भी जमकर तोड़-फोड़ की। राजद के कार्यकर्ता झोला में भर कर पत्थर और ईंट के टुकड़े लेकर आए थे। कार्यकर्ताओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें भी की। वहीं इस पत्थरबाजी के दौरान लालू के दोनों लाल को तनिक सा भी खरोंच नहीं आया। दोनों हेलमेट पहनकर खुद का बचाव करते दिखे। हंगामे के कारण डाकबंगला चौराहा पर घंटे भर से ज्यादा समय तक रणक्षेत्र बना रहा है। जिससे पूरे शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसमें कई एम्बुलेंस भी फंसे रहे। बता दें विधानसभा के बजट सत्र को देखते हुए जिला प्रशासन ने विधानसभा घेराव की अनुमति नहीं दी थी। इस पर राजद की ओर से कहा गया था कि अगर प्रशासन ने रोकने की कोशिश की तो भिड़ंत तय है और आज पटना की सड़कों पर वहीं दृश्य दिखा।

तेजस्वी-तेजप्रताप समेत 50 कार्यकर्ताओं ने दी गिरफ्तारी
लाठीचार्ज के बाद भी राजद कार्यकर्ताओं को उपद्रव नहीं थमा तो तो पुलिस ने गिरफ्तारी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं को बस से भर कर कोतवाली थाना ले जाया गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और तेजप्रताप सहित करीब 50 कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। सिटी एसपी सेंट्रल विनय तिवारी ने बताया कि पथराव में कोतवाली इंस्पेक्टर सहित 3 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। एफआइआर दर्ज कर ली गई है। बवाल में शामिल कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर आगे की कार्रवाई करेंगे।
काला कानून लाने जा रही, बहिष्कार करेंगे
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि विधानसभा मार्च के जरिए हमने सरकार को आईना दिखाया है। चुनाव के दौरान अपने मेनिफेस्टो में सरकार ने कई वादे किए थे। 19 लाख युवाओं को रोजगार दिलाने का वादा किया था, लेकिन कई महीने बीत गए, रोजगार का कहीं अता-पता नहीं है। सरकार पुलिस से जुड़ा काला कानून लाने जा रही है। हमलोग सदन के अंदर और बाहर दोनों ही जगह इसका बहिष्कार करेंगे। यह कानून फाड़ने लायक है। इससे मजिस्ट्रेट का कोई मतलब नहीं रह जाएगा और बिना वारंट के पुलिस धर-पकड़ कर सकेगी। इसलिए इसका हम विरोध कर रहे हैं।

लाठी चार्ज और पत्थराव से गंभीर रूप से इलाजरत घायलों की सूची
इधर, युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी अरूण कुमार यादव ने बताया कि राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, वाटर कैनन तथा पत्थराव किये जाने से गंभीर रूप से घायलों में पूर्व मंत्री विजय प्रकाश, पूर्व विधायक शक्ति सिंह यादव, पूर्णियां जिला के युवा राजद जिलाध्क्ष नवीन यादव, युवा राजद के संजय कुमार निराला, छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव, मुजफ्फरपुर जिला के पारू के शंकर राय, मजदूर प्रकोष्ठ सुपौल जिला के अध्यक्ष मनोज यादव, सीतामढ़ी नगर जिलाध्यक्ष रंजन यादव, मोतिहारी के धीरज यादव, युवा राजद के बगहा जिलाध्यक्ष पप्पू यादव, राजीव कुमार सहित दर्जनों घायलों का पीएमसीएच में इलाज चल रहा है। गार्डेन रोड स्थित अस्पताल में इलाज करा रहे प्रर्दशनकारियों में छात्र राजद के गगन यादव, युवा राजद के अरूण कुमार यादव, मुकेश यादव, अशोक भारद्वाज, बुसरा सहनी, रूपेश यादव, मो. इश्तियाक, मो. कामरान, मिथुन पासवान, रंजन कुमार, विनोद यादव, ओम प्रकाश, राजाराम सिंह, सुधाकर जासवाल, पू. चम्पारण के मुन्ना पंडित, अवनिश यादव, संदीप कुमार, मो. असरफ आलम सहित सैंकड़ों राजद कार्यकर्ता हैं।



