December 6, 2022

पटना सिटी: सफीनह बाल गृह में हंगामा; पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज, एक अरेस्ट

जहानाबाद से आए परिजन का स्थानीय लोगों के साथ हंगामा

पटना सिटी, आनंद केसरी। बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के द्वारा संचालित सफीनह बाल गृह में सुबह दो बालक रोड साइड खिड़की के पास बैठ रो रहा था। इससे लोगों की भीड़ जुटी। कुछ देर में कुछ और बालक रोने लगा, तो लोगों को शक हुआ कि कहीं बच्चों को बंधक बना बेचने को तो नहीं रखा है। लोगों के द्वारा हंगामा किए जाने पर चौक थाना की पुलिस सूचना पाकर पहुंची। दोबारा फिर हंगामा होने पर पुलिस पहुंची और मार्केट का शटर गिरा दिया और भीड़ को हटाने के दौरान 2-3 की पिटाई कर दी। इससे आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, तो जान बचा पुलिस भागी। इस दौरान पुलिस जिप्सी पर पथराव से शीशा भी टूटा। इस मामले में पुलिस ने एक को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रशासन के लौटने के बाद अपराह्न में फिर हंगामा हुआ। परिजन को उनके बच्चे से मिलाने को गेट खोलते ही भीड़ अंदर घुस गई और इसका फायदा उठा तीन बालक फरार हो गए। बाद में उन दो लड़कों के अलावा अन्य लड़कों के रोने पर लोग आक्रोशित हो फिर हंगामा करने लगे। लोग मार्केट के रास्ते प्रवेश कर होम के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस ने गिराया शटर: चौक थाना की पुलिस पहुंची। भीड़ को अंदर देख बाहर से शटर गिरा दिया। बाहर रहे लोगों ने समझा कि पुलिस इनलोगों से मिली है और अंदर रहे लोगों को अरेस्ट करेगी। इधर पुलिस ने बाहर रहे दो लोगों की पिटाई कर दी। नतीजतन लोगों ने बगल में निमार्णाधीन मार्केट से ईंट लेकर पुलिस पर पथराव कर दिया। कम संख्या में रही पुलिस जान बचाकर भागने लगी। फिर खदेड़ कर लाठीचार्ज किया। एक-दो पुलिस वालों को चोट भी आई है। पुलिस जिप्सी पर पथराव से शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान पथराव करने वाले एक युवक को पुलिस थाना ले आई।
थानेदार के आग्रह पर पहुंचे मजिस्ट्रेट: थानेदार मितेश कुमार ने एसडीओ राजेश रौशन से आग्रह किया कि मजिस्ट्रेट भेज अंदर होम की जांच कराई जाए। एसडीओ ने कार्यपालक दंडाधिकारी उमेश कुमार सिंह को जांच के लिए भेजा। बाद में एएसपी बलिराम कुमार चौधरी भी पहुंचे। दोपहर करीब एक बजे जांच कर और 42 बालकों की गिनती कर पुलिस प्रशासन के पदाधिकारी लौट गए।
अपराह्न तीन बजे फिर हंगामा, पलायन: इस बीच जहानाबाद के बालक के परिजन 50-60 लोगों के साथ पहुंचे और बच्चे से मिलाने की बात कही। जब होम के अधीक्षक मिलवाने के लिए गेट खुलवाए तो भीड़ घुस गई। इसी भीड़ का फायदा उठा कर होम के तीन बालक फरार हो गए। अधीक्षक विजय कुमार ने बताया कि फरार होने वालों में जहानाबाद जिला और थाना के मटुचक का रहने वाला बिहारी बिंद का बेटा, जो 21 अगस्त की शाम यहां आया था। दूसरा आसाम का 16 अगस्त को और तीसरा पटना के राजपुर पुल का 20 अगस्त को आया था।
आसपास के लोगों को नहीं थी जानकारी: चौक थाना के थानेदार मितेश कुमार ने बताया कि दरअसल स्थानीय लोगों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के द्वारा संचालित एनजीओ है। गायघाट स्थित बाल सुधार गृह का यह एक तरह से एक्सटेंशन है। बालकों को खिड़की के पास रोता देख समझे कि उसे बंधक बनाया गया है। बाद में उसे कहीं ले जाकर बेच दिया जाएगा।
अधीक्षक और कर्मियों का दुर्व्यवहार का आरोप: इधर सफीनह बाल होम के अधीक्षक विजय कुमार और सीडब्लूओ रंजीत कुमार ने कहा कि जांच करने पहुंचे पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों ने हम सबों के साथ दुर्व्यवहार किया। विजय के गाल पर चांटा मारने से उनका होंठ फट गया। गृहपति राजीव कुमार का गला दबाने की कोशिश की गई। काउंसलर नेहा बाला के अलावा सबों के साथ अपशब्दों का प्रयोग किया गया। ऐसी स्थिति में कैसे काम किया जा सकता है। फिलहाल पलायन 3 बालकों और भीड़ को ले चौक थाना में मामला एनजीओ के द्वारा दर्ज कराया गया है। साथ ही पलायन किए बालकों के माता-पिता को नोटिस भेजी जाएगी
चौक थाना के एसएचओ मितेश कुमार ने कहा: पुलिस पर पथराव कर वाहन को क्षति पहुंचाई गई है। एक को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल क्लिप के आधार पर लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
क्या है पूरा मामला: मुजफ्फरपुर और पटना के राजीवनगर शेल्टर होम का मामला उजागर होने के बाद यहां भी लोगों ने हंगामा किया।दरअसल चौक थाना के मोर्चा रोड में सफीनह बाल गृह करीब 3 माह पूर्व खुला है। यह रोड के किनारे किराए पर प्रथम और दूसरी मंजिल पर चलता है। नीचे में मार्केट है। 21 अगस्त को यहां 36 बालक थे। कल ही शाम 6 और बालक आए। कुल संख्या 42 हो गई। बुधवार की सुबह करीब 5-5.30 में दो बालक रोड से लगे खिड़की पर बैठ जोर-जोर से रो रहा था। इससे आसपास रहने वाले और गुजरने वालों की भीड़ लग गई। इसी दौरान खुशरूपुर से परिजन अपने बालक को ले जाने को पहुंचे, तो बताया गया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही बच्चे को ले जाने दिया जाएगा। लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर चौक थाना की पुलिस पहुंची।

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