February 17, 2026

पटना एम्स में कोरोना का पहला संदिग्ध मरीज भर्ती,गुरुवार को लौटा था दुबई से,गोपालगंज का निवासी है युवक

पटना/फुलवारीशरीफ(अजीत)। काेरोना का संदिग्ध राकेश कुमार गिरी 21 वर्ष एम्स पटना में भर्ती होने वाला पहला मरीज बना। जिसे एम्स के आईसोलेशन वार्ड में पूरे एहतियात के साथ रखा गया है। दुबई से पटना एम्स लाया गया युवक को कोरोना की आशंका के मद्देनजर जांच के लिए एडमिट कर लिया गया है । एम्स के चिकित्सकों के मुताबिक युवक की जांच रिपोर्ट को पटना के आरएमआरआई भेजा गया है जहां से रविवार को जांच रिपोर्ट आने के बाद ही क्लियर हो पायेगा की उसे कोरोना है या नही शनिवार की सुबह पारस से एम्स पटना के इमरजेंसी वार्ड पहुंचा गोपालगंज निवासी राकेश कुमार गिरी पहले से ही गैग्रीन बीमारी से ग्रस्त है और दुबई में इलाज के बाद कल ही पटना लौटकर पारस अस्पताल में भर्ती हुआ था।
इमरजेंसी में पहुंचने के बाद डाक्टरों ने मरीज को पहले हृदय विशेषज्ञ के पास भेजा गया। मरीज को बुखार व सांस लेने में हो रही दिक्कत को देखते हुए डाक्टरों ने कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए एम्स पटना के 30 वेड वालेआईसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। रविवार को जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि राकेश कुमार गिरी को कोरोना है की नहीं।

जानकारी के मुताबिक दुबई में बीमार पड़े बिहार के गोपालगंज का रहनेवाला इक्कीस वर्षीय युवक राकेश गिरी को एयर एम्बुलेंस से पहले कोलकाता और फिर वहाँ से पटना लाया गया है । कोरोना होने की आशंका को देखते हुए युवक को पहले पारस अस्पताल और फिर वहां से पटना एम्स में एडमिट कराया गया है। पटना एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग हेड डॉ संजीव कुमार सिंह ने बताया कि गोपालगंज का युवक दुबई में काम करने के दौरान बीमार पड़ गया था । जिसे हाथ व पैर में नस रोग सहित अन्य तरह की शिकायतें हैं । भारत सरकार के द्वारा जारी दिशा निर्देशों के मुताबिक किसी भी विदेश से आने वाले व्यक्ति को भारत मे पहले विशेष जांच किया जाना है । उसी आलोक में बीमार युवक को एयर एम्बुलेंस से कोलकाता और फिर पटना में दो दिन पहले लाया गया था। पहले पारस में उसे परिजन ईलाज कराने ले गए थे और वहां से शनिवार को एम्स लाया गया है। पहले उसे इमरजेंसी में एडमिट किया गया था वहां से कार्डियक विभाग में लाया गया है। उसे कई तरह के इंफेक्शन की शिकायत है जिसकी जांच की जा रही है। दुबई चाइना सिंगापुर आदि देशों में कोरोना के अधिक मरीजों को देखते हुए इस युवक की जाँच की गई है। उन्होंने कहा कि इसे पैनिक बनाने और डरने की जरूरत नही है बल्कि एहतियात के तौर पर जांच की गई है। उसके जांच के सैम्पल को आरएमआरआई भेजा गया है उस रिपोर्ट के आने के बाद ही पता चलेगा कि उस युवक को कोरोना है या नही। एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ सीएम सिंह ने कहा कि गोपालगंज का युवक राकेश गिरी दुबई में फिटर का काम करता था जो वही बीमार हुआ है । बीमार होने पर दुबई से भारत भेजा गया जिसे परिजनों ने एम्स में इलाज कराने लेकर आये है। एम्स डायरेक्टर डॉ प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना को लेकर डरने व घबराने की जरूरत नही है एम्स में पूरी तैयारी की गई है। अभीतक कोई भी मरीज को कोरोना का रिपोर्ट पॉजिटिव नही मिला है। एक मरीज शनिवार को ही आया है उस्की जांच की गयी है । उसकी रिपोर्ट कल मिल जाएगी ।

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