PATNA : आशा कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री का फूंका पुतला, मानदेय भुगतान के लिए मांगी जा रही रिश्वत
अप्रैल से लागू हुआ एक हजार मानदेय का नहीं हो रहा भुगतान

फुलवारी शरीफ। फुलवारी शरीफ प्रखंड मुख्यालय में कोरोना संकट के बीच काम करने वाली दर्जनों आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार द्वारा अप्रैल से लागू किये गये एक हजार मानदेय भुगतान अब तक नहीं किये जाने, मानदेय भुगतान के लिए प्रधान लिपिक बीसीएम, चिकित्सा प्रभारी द्वारा एक से तीन हजार रुपए तक रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंक कर विरोध जताया। इतना ही नहीं आशा कर्मियों ने सरकार से मानदेय 21 हजार करने सहित 17 सूत्री मांगों को लेकर कहा कि करोना वायरस में आशा के मृत्यु पर परिवार को 50 लाख का मुआवजा दिया जाए।
वहीं बिहार राज्य आशा संघ, एटक के महासचिव कौशलेंद्र कुमार वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इन सारी मांगों पर जब तक विचार नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके आलावा 14 सितंबर को राज्य कार्यालय अदालतगंज केदार भवन से दोपहर में विरोध दिवस जुलूस के रूप में निकल कर स्टेशन होते हुए डाकबंगला तक जाएगी। उन्होंने कहा है कि अगर राज्य सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है तो 15 सितंबर से अनिश्चित समय के लिए हड़ताल पर जाएंगे। उन्होंने बताया कि सासाराम जिला के नासरीगंज प्रखंड में केयर इंडिया के जितेंद्र कुमार के द्वारा आशा को हटाने की धमकी, टीकाकरण के पैसा एवं अन्य योजना के पैसे का गबन किया जा रहा है, जिसकी जांच कर उचित कार्रवाई किया जाए।
रिश्वत मांगे जाने का आरोप निराधार
इस मामले में चिकित्सा प्रभारी डॉ. राज कुमारी चौधरी ने बताया कि जितनी भी आशा काम कर रही हैं, उनमें अधिकांश के पास नियुक्ति पत्र ही नहीं है। इनका मानदेय देने के लिए प्रधान लिपिक के द्वारा नियुक्ति पत्र आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की मांग की गयी है। अभी तक सरकार से मानदेय भुगतान का फंड हीं नहीं आया है। उन्होंने आशा के द्वारा रिश्वत मांगे जाने के आरोप को गलत और निराधार बताया।

