February 20, 2026

छात्रा हत्याकांड पर बोले चिराग पासवान, कहा- परिवार को मिले पूरी सुरक्षा, निष्पक्ष जांच के साथ हो आवश्यक कार्रवाई

  • एआई समिट पर कहा, विदेशी चीज को अपना बताना गलत, अंतरराष्ट्रीय मंच पर खराब हुई भारत की छवि

पटना। छात्रा हत्याकांड और एआई समिट से जुड़े विवादों को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को दो टूक बयान दिया है। उन्होंने एक ओर जहां जहानाबाद की छात्रा की मौत के मामले में पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, वहीं दूसरी ओर एआई समिट में सामने आए गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े प्रकरण को देश की अंतरराष्ट्रीय छवि से जोड़ते हुए गंभीर चिंता जताई।
छात्रा हत्याकांड पर सरकार की सख्त नजर
जहानाबाद की रहने वाली और नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले ने पूरे प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस प्रकरण में पीड़ित परिवार को कथित तौर पर धमकी मिलने की खबरों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि परिवार को हरसंभव सुरक्षा मुहैया कराई जाए और किसी भी तरह का दबाव या भय का माहौल न बनने दिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए बेहद दुखद और चिंताजनक हैं। छात्रा की मौत से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी की भी लापरवाही या अपराध सामने आता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
परिवार को सुरक्षा और न्याय का भरोसा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा का पूरा भरोसा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन और कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। चिराग पासवान के मुताबिक, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एआई समिट में उठा विवाद
इसी दौरान देश में चल रहे एआई समिट के बीच गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने तकनीकी और शैक्षणिक जगत में हलचल मचा दी है। आरोप है कि समिट के दौरान विदेशी तकनीक या सामग्री को देश की उपलब्धि बताकर प्रस्तुत किया गया। इस पर चिराग पासवान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि दूसरे देशों की चीजों को अपना बताकर पेश करना गंभीर और चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत इस समय तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में यदि किसी संस्थान द्वारा विदेशी तकनीक को स्वदेशी बताकर प्रदर्शित किया जाता है, तो इससे न केवल भ्रम फैलता है बल्कि देश की विश्वसनीयता और अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचता है।
अंतरराष्ट्रीय छवि पर असर
चिराग पासवान ने कहा कि एआई समिट जैसे मंच पर पूरी दुनिया की नजर होती है। ऐसे आयोजनों में जो कुछ भी प्रस्तुत किया जाता है, वह भारत की क्षमताओं और सोच को दर्शाता है। यदि यहां पर गलत जानकारी या भ्रामक प्रस्तुति होती है, तो इससे भारत की छवि अंतरराष्ट्रीय मंच पर खराब हो सकती है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार इस तरह के मामलों को हल्के में नहीं लेगी।
समिट के बाद होगी समीक्षा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि फिलहाल एआई समिट चल रहा है और इसके समापन के बाद सरकार इस पूरे मामले की गहन समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि समिट खत्म होने के बाद तथ्यों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि क्या कार्रवाई जरूरी है और किस स्तर पर की जानी चाहिए। यदि जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित संस्थान या व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भारत की साख बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए पारदर्शिता और ईमानदारी सबसे जरूरी है। किसी भी स्तर पर यदि गलत प्रस्तुति या दावे किए जाते हैं, तो उन पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
तकनीक और नवाचार में भारत की दिशा
चिराग पासवान ने कहा कि भारत आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना रहा है। स्टार्टअप, विश्वविद्यालय और शोध संस्थान मिलकर देश को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि देश की वास्तविक उपलब्धियों को ही सामने रखा जाए। विदेशी तकनीक को स्वदेशी बताकर पेश करना न केवल गलत है, बल्कि इससे असली नवाचार करने वालों का मनोबल भी टूटता है।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी मामला चर्चा में
एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले ने शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में भी बहस छेड़ दी है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आयोजनों में संस्थानों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और तथ्यात्मक जानकारी ही प्रस्तुत करनी चाहिए। चिराग पासवान के बयान के बाद अब इस मामले पर सरकार की समीक्षा और संभावित कार्रवाई को लेकर निगाहें टिकी हैं।
सरकार का दोहरा संदेश
चिराग पासवान के बयानों को दोहरे संदेश के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर उन्होंने छात्रा हत्याकांड जैसे संवेदनशील सामाजिक मुद्दे पर पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने और न्याय का भरोसा दिया, वहीं दूसरी ओर तकनीक और शिक्षा से जुड़े मामले में देश की साख और अंतरराष्ट्रीय छवि को प्राथमिकता देने की बात कही।
आगे की कार्रवाई पर नजर
अब सभी की नजरें एआई समिट के समापन के बाद सरकार की समीक्षा और फैसले पर टिकी हैं। साथ ही, जहानाबाद की छात्रा की मौत के मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर भी राजनीतिक और सामाजिक हलकों की नजर बनी हुई है। कुल मिलाकर, चिराग पासवान के बयान ने दोनों ही मामलों को नई गंभीरता और दिशा दी है।

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