पटना जंक्शन पर यात्रियों ने किया हंगामा, ट्रैक पर जाकर ट्रेन रोकी, 24 से अधिक गिरफ्तार
पटना। राजधानी के व्यस्ततम रेलवे स्टेशन पटना जंक्शन पर मंगलवार देर शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब अत्यधिक भीड़ के कारण बड़ी संख्या में यात्री 13350 पटना–सिंगरौली (पलामू) एक्सप्रेस में सवार नहीं हो सके। नाराज यात्रियों ने विरोध स्वरूप रेलवे ट्रैक पर उतरकर ट्रेन रोक दी और जमकर हंगामा किया। घटना के बाद स्टेशन परिसर में तनाव की स्थिति बन गई और रेल यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया।
प्लेटफॉर्म संख्या 9 पर बढ़ी भीड़
यह घटना रात करीब 7 बजकर 15 मिनट पर प्लेटफॉर्म संख्या 9 पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिंगरौली एक्सप्रेस के आने से पहले ही प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो चुकी थी। गया रूट पर मेगा ब्लॉक लगाए जाने के कारण कई ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया था, जिससे यात्रियों की संख्या अचानक इस ट्रेन में बढ़ गई। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही डिब्बों में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। सामान्य श्रेणी के कोचों में हालात और भी बेकाबू हो गए। कई यात्री भीड़ के कारण अंदर प्रवेश नहीं कर सके और प्लेटफॉर्म पर ही छूट गए।
ट्रैक पर उतरे यात्री, ट्रेन रोकी
ट्रेन में चढ़ने से वंचित रह गए यात्रियों में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों की भीड़ में से करीब दो दर्जन से अधिक लोग रेलवे ट्रैक पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए ट्रेन रोक दी। यात्रियों का आरोप था कि भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। कुछ यात्रियों ने रेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि आरक्षित टिकट होने के बावजूद उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेल पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सरकारी रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने ट्रैक पर उतरे यात्रियों को समझाने और प्लेटफॉर्म पर लौटने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। स्थिति बिगड़ती देख रेल पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद दो दर्जन से अधिक यात्रियों को हिरासत में लिया गया। सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर रेलवे अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
करीब 45 मिनट खड़ी रही ट्रेन
हंगामे के कारण सिंगरौली (पलामू) एक्सप्रेस लगभग 45 मिनट तक प्लेटफॉर्म संख्या 9 पर खड़ी रही। निर्धारित समय से देरी से यह ट्रेन रात 7 बजकर 56 मिनट पर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सकी। ट्रेन के विलंब का असर अन्य ट्रेनों के परिचालन पर भी पड़ा और कई यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ी।
यात्रियों की नाराजगी
घटना के दौरान कई यात्रियों ने ट्रेन में मौजूद टिकट परीक्षकों और रेलकर्मियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि जब पहले से ही अन्य ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी थी, तो अतिरिक्त कोच या विशेष ट्रेन चलाने की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। भीड़ के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष कठिनाई हुई।
रेल प्रशासन का पक्ष
रेल अधिकारियों का कहना है कि गया रूट पर मेगा ब्लॉक के कारण यात्रियों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई। प्रशासन ने दावा किया कि सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई से हालात पर काबू पा लिया गया। अब स्टेशन परिसर में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद पटना जंक्शन पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्लेटफॉर्म और प्रवेश द्वारों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। रेल प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पटना जंक्शन पर हुई यह घटना एक बार फिर भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े करती है। अचानक बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन बनाना रेलवे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस हंगामे ने यात्रियों और प्रशासन दोनों को सतर्क कर दिया है।


