परसा बाजार थाना ने शराब के लिए की छापामारी,महिलाओं की पिटायी का लगा आरोप,माले ने की निंदा,पुलिस ने आरोपों का किया खंडन
फुलवारीशरिफ।(अजित कुमार)फुलवारी के ढिवरा पंचायत के पलंगा के उरान टोला में परसा पुलिस के द्वारा पिटाई के खिलाफ भाकपा माले के 5 सदस्य जांच दल ने पलगा पहुची तो लोगों ने बताया कि हम लोग अपने घरों के बाहर दरवाजे पर बैठे हुए थे।पुलिस ने लोगों को घर के अंदर जाने के लिए कहा। हम लोग जब घर के अन्दर चल गये तों फिर घर में से बुलाया और कहा कि पैसा दो।हमलोग बोले कि हम तो अपने भूखे है,आप ही हमें खाना दो तो पुलिस बौखला गई।पुलिस ने लाठी चला लोगों की पिटाई कर डाली।महिलाओं को भी पिटा गया। महिलाओ ने जब शोर मचाया तो पड़ोस की महिलाये और अन्य लोग जुटने लगे तो उन्हें भी मारा पिटा गया।वहीं पुलिस ने पिटाई का आरोप को गलत बताया है और शराब की छापेमारी करने की बात कही है।पुलिस का दावा कितना सच है यह महादलित महिला के शरीर पर पिटाई के निशान बयाँ कर रहे हैं।

भाकपा माले नेता कामरेड शरिफा माझी कामरेड साधु शरन प्रसाद कामरेड ललिन पासवान छोटु माझी गुरुदेव दास की जाँच टीम ने परसा बाजार थाना की पुलिस पर महादलित समुदाय के लोगों की पिटाई का आरोप लगाते हुए कारवाई की मांग की है।माले नेताओं ने बताया की पीड़ित महिलाओं ने बताया की हम लोग अपने पेट पालने के लिए शरब बनाते थे लेकिन पुलिस के कहने पर शराब चुलाने के काम बंद कर दिया है।अब भुख मिटाने के लिए हमलोग क्या करें। एक तरफ कोरोना वायरस के मार से काम बंद हैं उपर से भूख के मारे हमलोगों को अब पुलिस पिटाई कर रही है।पलगा उरान टोला में बहुत के पास रासन काड नहिं है जिससे इन्हें सरकारी योजना का लाभी भी अभी तत्काल नही मिल पायेगा।माले की जांच टीम को नाम ललिता देवी पति स्वर्गीय दिलिप माझी , करिवन माझी , सिला देवी पति बुदेला माझी ने पुलिस पर पिटाई करने का आरोप लगाया है।जांच दल का नेत्रित्व कर रहे भाकपा माले प्रखंड सचिव गुरुदेव दास ने कहा कि इस घटना की जाँच कर दोषी पदाधिकारी को तुरंत हटाया जाए।
परसा बाजार थानेदार संजय प्रसाद ने बताया की मारपीट का आरोप गलत है।पुलिस वहां शराब निर्माण और शराब बिक्री की सुचना पर छापेमारी करने गयी थी। पुलिस टीम ने वहाँ के तीन चार घरों से शराब निर्माण सामग्री जावा महुआ बरामद कर नष्ट किया है। शराब निर्माण मना करने पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है।


