31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव गिरफ्तार, देर रात घंटे चला ड्रामा, कहा- ये लोग मेरी हत्या कर देंगे
पटना। पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। शुक्रवार देर रात हुई इस कार्रवाई के दौरान करीब तीन घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के चलते पहले इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान और फिर पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी के पीछे साजिश है और उन्हें जान का खतरा है।
देर रात हुई गिरफ्तारी
पटना पुलिस ने शुक्रवार रात करीब 12 बजे पप्पू यादव को उनके मंदिरी स्थित आवास से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 1995 के एक पुराने मामले में विशेष अदालत के आदेश के बाद की गई। जैसे ही पुलिस टीम उनके आवास पर पहुंची, पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। गिरफ्तारी के लिए सिटी पुलिस अधीक्षक, पांच पुलिस उपाधीक्षक, छह थानेदार और करीब सौ पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे।
आवास पर चला हाई वोल्टेज ड्रामा
जब पुलिस पप्पू यादव के आवास पहुंची, उस समय वे सबसे ऊपर के फ्लोर पर मौजूद थे। पुलिस को देखकर वे हैरान रह गए और अधिकारियों से पूछने लगे कि इतनी रात में आने की क्या वजह है। इसके बाद पप्पू यादव, उनके करीबी सहयोगी और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। पप्पू यादव ने कहा कि वे रात में कहीं नहीं जाएंगे और सुबह अदालत में पेश होने को तैयार हैं।
समर्थकों की भीड़ और हंगामा
गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पप्पू यादव के समर्थक उनके आवास के आसपास जुटने लगे। समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। गिरफ्तारी के दौरान जब पुलिस उन्हें ले जाने लगी, तो वे अचानक बेहोश हो गए। इस घटना के बाद समर्थक और ज्यादा भड़क गए और कुछ लोग पुलिस की गाड़ी पर भी चढ़ गए। हालात को संभालने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को रात करीब साढ़े बारह बजे इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया, जहां उनकी प्राथमिक चिकित्सकीय जांच की गई। इसके बाद शनिवार सुबह उन्हें स्ट्रेचर पर पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक गिरफ्तारी के दौरान लगी चोट की वजह से उनके सिर में दर्द है और दिल की धड़कन तेज होने की शिकायत भी है। सांसद को मधुमेह और उच्च रक्तचाप की बीमारी भी है, जिसके चलते उन्हें निगरानी में रखा गया है और सलाइन चढ़ाई गई है।
हत्या की साजिश का आरोप
पप्पू यादव ने गिरफ्तारी के दौरान आरोप लगाया कि यह सब उन्हें मारने की साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि रात के समय सिविल ड्रेस में पुलिस उनके घर पहुंची और उनके पास कोई गिरफ्तारी वारंट नहीं था। उनका कहना था कि यदि पुलिस चाहती तो उन्हें घर में नजरबंद कर सकती थी, लेकिन रात में इस तरह की कार्रवाई से उन्हें जान का खतरा महसूस हुआ।
पुलिस का पक्ष
पटना के सिटी पुलिस अधीक्षक पश्चिम भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह मामला वर्ष 1995 का है और इसमें मुकदमा लंबे समय से चल रहा है। उन्होंने कहा कि अदालत में पेश न होने के कारण पप्पू यादव के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया था। पुलिस के अनुसार, यदि किसी के खिलाफ वारंट या कुर्की का आदेश हो तो गिरफ्तारी किसी भी समय की जा सकती है। पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्रवाई की है।
31 साल पुराने मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला गर्दनीबाग थाना क्षेत्र से जुड़ा है। वर्ष 1995 में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया। आरोप है कि मकान किराए पर लेते समय यह बात छिपाई गई थी कि वहां सांसद का कार्यालय चलाया जाएगा। इस मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना, अवैध प्रवेश, धमकी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। यह केस पिछले तीन दशक से लंबित है।
अदालत की अगली सुनवाई पर नजर
पुलिस के अनुसार, पप्पू यादव को अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देश पर होगी। बताया जा रहा है कि इस मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को निर्धारित है। अब यह देखना होगा कि सांसद अदालत में आत्मसमर्पण करते हैं या उनकी कानूनी टीम किसी तरह की राहत हासिल करने की कोशिश करती है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने सामाजिक माध्यम पर पोस्ट कर बिहार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि वे नीट छात्रा के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी हाल में पीछे हटने वाले नहीं हैं, चाहे उन्हें जेल भेजा जाए या कठोर सजा दी जाए। 31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ पुलिस इसे अदालत के आदेश का पालन बता रही है, वहीं दूसरी ओर पप्पू यादव इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और इस मामले में आगे होने वाले घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।


