भारत का मैच बॉयकॉट कर मुश्किल में फंसा पाकिस्तान, वर्ल्ड कप से बाहर होने का खतरा, बैन लगाने की तैयारी
- आईसीसी बोली- फैसले पर पुनर्विचार करें पीसीबी, बड़े इवेंट की मेजबानी मिलना मुश्किल
नई दिल्ली। टी-20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर पाकिस्तान ने खुद को एक बड़े संकट में डाल लिया है। पाकिस्तान सरकार के इस फैसले के बाद न सिर्फ उसकी टीम के टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा पैदा हो गया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की ओर से सख्त कार्रवाई की आशंका भी गहरा गई है। आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा है और साफ संकेत दिए हैं कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
भारत से मैच न खेलने का फैसला
पाकिस्तान सरकार ने रविवार को यह घोषणा की कि उसकी टीम टी-20 विश्व कप खेलेगी, लेकिन भारत के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरेगी। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में हलचल मच गई। आईसीसी का कहना है कि किसी भी टीम का एकतरफा रूप से मैच का बहिष्कार करना टूर्नामेंट की भावना और नियमों के खिलाफ है। इसी कारण विश्व क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने पीसीबी से औपचारिक जवाब तलब करने की तैयारी शुरू कर दी है।
ग्रुप चरण से बाहर होने का खतरा
आईसीसी की प्रतियोगिता शर्तों के अनुसार अगर कोई टीम मैच का बहिष्कार करती है तो उसका सीधा नुकसान उसी टीम को उठाना पड़ता है। नियम संख्या 16.10.7 के तहत जिस टीम ने मैच खेलने से मना किया, उसे पूरे 20 ओवर में शून्य रन का स्कोर दिया जाता है, जबकि दूसरी टीम का एक भी ओवर नहीं गिना जाता। इसका असर नेट रन रेट पर पड़ता है। पाकिस्तान का नेट रन रेट इस फैसले से काफी खराब हो सकता है, जो बाकी मैच जीतने के बाद भी नकारात्मक रह सकता है। ग्रुप ए में भारत और पाकिस्तान के अलावा नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका की टीमें शामिल हैं। अगर पाकिस्तान इन तीन में से किसी एक मैच में भी हार जाता है तो उसका ग्रुप चरण से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है। अमेरिका पहले ही पिछले विश्व कप में पाकिस्तान को हराकर बड़ा उलटफेर कर चुका है, जबकि नीदरलैंड भी आईसीसी टूर्नामेंट में मजबूत टीमों को चौंकाता रहा है।
विश्व कप से प्रतिबंध का खतरा
आईसीसी ने साफ किया है कि वह पीसीबी से यह पूछेगी कि भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार क्यों किया गया। अगर पाकिस्तान संतोषजनक कारण नहीं दे पाया तो उसे इसी विश्व कप से बाहर किया जा सकता है। इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुछ टीमों ने मैच का बहिष्कार किया है और उन्हें कड़ी सजा का सामना करना पड़ा है। ऐसे में पाकिस्तान पर भी प्रतिबंध लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा का तर्क नहीं चलेगा
पाकिस्तान इस मामले में सुरक्षा कारणों का हवाला भी नहीं दे सकता, क्योंकि टूर्नामेंट में उसके सभी मुकाबले भारत में नहीं, बल्कि श्रीलंका में होने हैं। यानी सुरक्षा को लेकर कोई सीधा खतरा नहीं है। अगर पीसीबी बांग्लादेश के समर्थन जैसे किसी राजनीतिक कारण का हवाला देता है, तब भी आईसीसी सख्त रुख अपना सकती है। आईसीसी पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि ऐसे कदम उठाने पर पाकिस्तान सुपर लीग को अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा।
नॉकआउट चरण में क्या होगा?
पाकिस्तान ने ग्रुप चरण में भारत से खेलने से इनकार कर दिया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया है कि अगर टीम नॉकआउट चरण में भारत से टकराती है तो क्या रुख अपनाया जाएगा। आईसीसी के सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर भी पीसीबी से जवाब मांगा जाएगा। अगर भविष्य में भी पाकिस्तान ने मैच खेलने से मना किया तो उस पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। पाकिस्तान टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि खिलाड़ी सिर्फ विश्व कप खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसी टीम के खिलाफ खेलने से मना करती है तो खिलाड़ियों को उसका पालन करना होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि टीम का पूरा ध्यान मैदान पर अपने प्रदर्शन पर है।
मेजबानी और आर्थिक नुकसान
पाकिस्तान को हाल ही में 29 साल बाद किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका मिला था, जब उसने 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी की। अब इस विवाद के बाद भविष्य में पाकिस्तान को मिलने वाली मेजबानी पर भी संकट आ सकता है। भारत-पाकिस्तान मैच आईसीसी के लिए सबसे ज्यादा राजस्व कमाने वाला मुकाबला माना जाता है। इस मैच के न होने से आईसीसी को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस नुकसान की भरपाई के लिए आईसीसी पाकिस्तान को मिलने वाले वार्षिक राजस्व हिस्से में कटौती कर सकती है। इसके अलावा भविष्य में पाकिस्तान को किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी से भी वंचित किया जा सकता है। भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार पाकिस्तान के लिए भारी पड़ता दिख रहा है। खेल के मैदान से बाहर लिया गया यह फैसला अब खेल के भीतर और बाहर दोनों ही मोर्चों पर पाकिस्तान को नुकसान पहुंचा सकता है। आईसीसी की अगली कार्रवाई पर पूरी क्रिकेट दुनिया की नजर टिकी हुई है।


