February 10, 2026

देश के 2.5 करोड़ से अधिक आधार नंबर हुए डीएक्टिवेट, यूआईडीएआई ने की बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली। देश में आधार प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई ने देशभर में मृत व्यक्तियों से जुड़े करीब ढाई करोड़ से अधिक आधार नंबरों को निष्क्रिय कर दिया है। प्राधिकरण का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद पहचान से जुड़े फर्जीवाड़े पर लगाम लगाना और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोकना है। हाल के वर्षों में सामने आए कई मामलों में यह पाया गया था कि मृत व्यक्तियों के आधार नंबर सक्रिय रहने के कारण उनके नाम पर गलत तरीके से लाभ उठाया जा रहा था।
मृत आधार नंबरों पर क्यों हुई सख्ती
यूआईडीएआई के अनुसार, किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद यदि उसका आधार नंबर सक्रिय रहता है, तो उसके दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है। बैंकिंग सेवाओं से लेकर पेंशन, राशन और अन्य सरकारी योजनाओं तक, कई जगहों पर आधार का उपयोग होता है। ऐसे में मृत व्यक्ति के आधार नंबर के जरिए धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने बड़े पैमाने पर आधार नंबरों को डिएक्टिवेट करने की प्रक्रिया तेज की है। इससे न सिर्फ सरकारी संसाधनों की बचत होगी, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
तकनीकी सुधारों पर लगातार काम
यूआईडीएआई का कहना है कि आधार पहचान प्रणाली को मजबूत और भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। पहचान चोरी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नई-नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। प्राधिकरण का मानना है कि डिजिटल पहचान व्यवस्था तभी सफल हो सकती है, जब उसमें सुरक्षा और उपयोगकर्ता के नियंत्रण दोनों को प्राथमिकता दी जाए। इसी सोच के तहत आधार से जुड़ी सेवाओं को और सरल व सुरक्षित बनाया जा रहा है।
बायोमेट्रिक डेटा पर यूजर्स का नियंत्रण
अब आधार धारकों को अपने बायोमेट्रिक डेटा पर पहले से ज्यादा नियंत्रण मिल गया है। यूआईडीएआई के पोर्टल और आधार मोबाइल ऐप के जरिए यूजर्स अपने फिंगरप्रिंट और आइरिस डेटा को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति चाहे, तो वह अपने बायोमेट्रिक डेटा को अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर सकता है, जिससे अनधिकृत इस्तेमाल की संभावना कम हो जाती है। जरूरत पड़ने पर इसे फिर से सक्रिय किया जा सकता है।
नया आधार मोबाइल ऐप हुआ लॉन्च
हाल ही में यूआईडीएआई ने नया आधार मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जो एंड्रॉयड और आईफोन दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इस ऐप में कई आधुनिक और उपयोगी फीचर्स जोड़े गए हैं। यूजर्स अब ऐप के जरिए न सिर्फ बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक कर सकते हैं, बल्कि क्यूआर कोड स्कैनिंग जैसी सुविधाओं का भी लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर अपडेट करने और घर का पता बदलने जैसे काम भी अब काफी आसान हो गए हैं।
घर बैठे अपडेट की सुविधा
नए आधार ऐप की एक बड़ी खासियत यह है कि अब यूजर्स को कई जरूरी अपडेट के लिए आधार सेवा केंद्र जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले पता बदलने या अन्य जानकारियां अपडेट कराने के लिए लोगों को लंबी लाइनें लगानी पड़ती थीं और कई दस्तावेजों की फोटोकॉपी साथ ले जानी होती थी। अब ऐप के जरिए जरूरी दस्तावेज अपलोड कर घर बैठे ही अपडेट किया जा सकता है। इससे समय की बचत होगी और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
परिवार की आधार जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित
इस नए ऐप में परिवार के सदस्यों की आधार जानकारी जोड़ने की सुविधा भी दी गई है। इसके जरिए यूजर्स अपने परिवार के आधार विवरण को एक ही जगह डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं। यात्रा के दौरान या किसी सरकारी काम के लिए अब आधार कार्ड की फोटोकॉपी साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डिजिटल रिकॉर्ड से न केवल सुविधा बढ़ेगी, बल्कि दस्तावेजों के खोने या गलत इस्तेमाल का खतरा भी कम होगा।
सुरक्षित लॉगइन प्रक्रिया
आधार ऐप में लॉगइन की प्रक्रिया को भी काफी सुरक्षित बनाया गया है। सबसे पहले यूजर को अपने स्मार्टफोन में ऐप इंस्टॉल करना होगा। इसके बाद आधार नंबर दर्ज करना होगा और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए सत्यापन करना होगा। इसके बाद फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अंत में यूजर को 6 अंकों का सिक्योरिटी पिन सेट करना होगा, जिससे ऐप और उसमें मौजूद जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहे।
डिजिटल इंडिया को मिलेगा बल
यूआईडीएआई की यह पहल पहचान प्रणाली को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। मृत व्यक्तियों के आधार नंबर डिएक्टिवेट करने और नई डिजिटल सुविधाएं शुरू करने से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा। साथ ही यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूती देगा, जहां तकनीक के जरिए पारदर्शिता और सुविधा को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

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