PATNA : सुरक्षित गर्भ समापन पर आंगनबाड़ी सेविकाओं का किया गया उन्मुखीकरण
- एमटीपी एक्ट के बारे में दी गई जानकारी
पटना। किसी महिला का गर्भवती होना उसके साथ पूरे परिवार के लिए हर्ष का समय होता है, लेकिन किसी कारणवश गर्भस्थ शिशु में कोई विकृति नजर आये तो यह सबके लिए चिंता और दुर्भाग्य का विषय होता है। एमटीपी एक्ट के तहत अगर गर्भ में पल रहा शिशु विकृत अथवा अनियमित विकास से ग्रसित हो तो ऐसे शिशु का गर्भकाल के 20 सप्ताह तक चिकित्सकों द्वारा गर्भ समापन वैध है। इन बातों पर मंगलवार को पटना सदर अंचल के बाल विकास परियोजना सेक्टर 1 के कार्यालय में सेक्टर 3 की आंगनबाड़ी सेविकाओं का सुरक्षित गर्भसमापन पर उन्मुखीकरण किया गया। उन्मुखीकरण कार्यशाला में बताया गया कि सुरक्षित गर्भ समापन कब और किन परिस्थितियों में जायज है।
उक्त कार्यशाला का संचालन और जीविका दीदियों का प्रशिक्षण आई पास संस्था की अन्वेषक पदाधिकारी श्रीमती विजयलक्ष्मी द्वारा किया गया। वहीं पटना सदर अंचल सेक्टर 1 की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अंजू सिंह एवं श्रीमती विजयलक्ष्मी द्वारा सेविकाओं को सुरक्षित गर्भसमापन की महत्ता को दर्शाते हुए पोस्टर दिए गए और बताया गया कि इन्हें समुदाय से संवाद करते समय दिखाएं और लोगों को जागरूक करें।


