February 13, 2026

उपचुनाव के सेमीफाइनल में विपक्ष हारी, 2025 के विधानसभा में भी सुपड़ा होगा साफ : आनंद मोहन

पटना। बिहार की राजनीति में उपचुनाव के नतीजों ने नई बहस छेड़ दी है। पूर्व सांसद आनंद मोहन ने हाल ही में हुए चार विधानसभा उपचुनाव के नतीजों को लेकर विपक्ष पर कड़ा हमला बोला और कहा कि इन नतीजों ने 2025 के विधानसभा चुनाव का संकेत दे दिया है। आनंद मोहन के मुताबिक, एनडीए की जीत ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले चुनाव में विपक्ष का “सुपड़ा साफ” हो जाएगा। आनंद मोहन के बेटे और आरजेडी के बागी विधायक चेतन आनंद को हाल ही में सरकार ने नया फ्लैट आवंटित किया। मकर संक्रांति के बाद आयोजित गृह प्रवेश समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सत्तारूढ़ दल के कई मंत्री और विधायक शामिल हुए। इस मौके पर आनंद मोहन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक समझ और नेतृत्व की सराहना की। चेतन आनंद ने फ्लोर टेस्ट के दौरान विपक्षी दल आरजेडी का साथ छोड़ते हुए सत्तारूढ़ एनडीए का समर्थन किया था। इसके बावजूद उन्हें सरकार की ओर से मंत्री स्तर का फ्लैट दिया गया। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनाया है। मीडिया से बातचीत के दौरान आनंद मोहन ने उपचुनाव को विपक्ष के लिए “सेमीफाइनल” करार दिया और कहा कि इसमें विपक्ष बुरी तरह हार गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि चारों सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की, जिनमें से तीन सीटें पहले महागठबंधन के पास थीं। आनंद मोहन ने कहा, “विपक्ष ने इन उपचुनावों को सेमीफाइनल बताया था, और अब नतीजे बता रहे हैं कि 2025 का विधानसभा चुनाव भी एनडीए के पक्ष में होगा। विपक्ष को जनता ने नकार दिया है, और एनडीए ने यह साबित कर दिया है कि बिहार की जनता किसके साथ खड़ी है। आरजेडी नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार “थक चुके हैं,” आनंद मोहन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ही वह नेता हैं जिन्होंने पिछले 20 वर्षों से बिहार की राजनीति को दिशा दी है। वह न केवल राज्य बल्कि देश की राजनीति को भी प्रभावित कर रहे हैं। आनंद मोहन ने नीतीश कुमार की स्थिरता और राजनीतिक दूरदर्शिता की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार की सत्ता उन्हीं के साथ रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आनंद मोहन का यह बयान एनडीए के भीतर आत्मविश्वास को दिखाता है। उपचुनाव के नतीजों ने एनडीए को मजबूती दी है, वहीं विपक्ष को आत्ममंथन की जरूरत है। आनंद मोहन का यह बयान न केवल उपचुनाव के नतीजों की समीक्षा करता है, बल्कि 2025 के विधानसभा चुनावों की दिशा भी स्पष्ट करता है। एनडीए की जीत ने यह संकेत दिया है कि बिहार की जनता अभी भी नीतीश कुमार और उनकी नीतियों के साथ है। विपक्ष को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा, वरना आगामी चुनावों में उसकी स्थिति और कमजोर हो सकती है।

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