February 20, 2026

पटना में लापता ढाई माह की बच्ची नहीं मिलने पर लोगों का हंगामा, थाने का घेराव कर की नारेबाजी

पटना। राजधानी पटना में बीते एक माह से लापता ढाई साल की बच्ची का कोई सुराग नहीं मिलने से स्थानीय लोगों और परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को परिजनों और क्षेत्रीय लोगों ने कोतवाली थाना का घेराव कर जोरदार हंगामा किया। आक्रोशित भीड़ ने कोतवाली चौराहा जाम कर पुलिस पर लापरवाही और असंवेदनशीलता के आरोप लगाए। इस घटना से शहर में यातायात बाधित हुआ और माहौल तनावपूर्ण बन गया। 8 नवंबर को कोतवाली थाना क्षेत्र के कमला नेहरू नगर से ढाई साल की बच्ची को एक चोर ने चोरी कर लिया। पुलिस ने चोरी की घटना के सिलसिले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन बच्ची का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बच्ची की बरामदगी में हो रही देरी से परेशान परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। गुरुवार को बच्ची के परिजनों और स्थानीय लोगों ने कोतवाली चौराहा को जाम कर दिया। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। सड़क जाम के कारण स्थानीय निवासियों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद और कोतवाली थाने की पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। काफी समझाने और आश्वासन देने के बाद आक्रोशित लोग जाम हटाने और घर लौटने को तैयार हुए। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना को एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक बच्ची को बरामद करने में असमर्थ रही है। परिजनों का कहना है कि पुलिस की धीमी गति और संवेदनहीनता के कारण बच्ची की बरामदगी में देरी हो रही है। स्थानीय निवासियों का भी मानना है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। लोगों का कहना है कि चोरी की घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन बच्ची की बरामदगी पुलिस की प्राथमिकता नहीं दिख रही है। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को समझाते हुए भरोसा दिलाया कि बच्ची की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच तेजी से की जा रही है और अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। बच्ची के परिजन अपनी बेटी की बरामदगी को लेकर बेहद चिंतित हैं। मां और पिता का कहना है कि उन्हें पुलिस पर भरोसा था, लेकिन एक माह से बच्ची का कोई सुराग न मिलना उनकी उम्मीदों को तोड़ रहा है। परिजनों ने यह भी कहा कि जब तक बच्ची नहीं मिलती, वे शांत नहीं बैठेंगे और लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से मांग की है कि बच्ची की बरामदगी को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और कार्रवाई में तेजी लाने की अपील की। इस घटना ने न केवल परिजनों और स्थानीय लोगों को आक्रोशित किया है, बल्कि यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन कितना जिम्मेदार है। ढाई साल की बच्ची का लापता होना और एक माह बाद भी उसका सुराग न मिलना न केवल परिवार के लिए दर्दनाक है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। पुलिस को चाहिए कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करे और बच्ची को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करे। साथ ही, इस घटना से सीख लेते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। परिजनों का यह आक्रोश और हंगामा उनकी निराशा और पीड़ा को दर्शाता है, जिसे समझने और हल करने की जरूरत है।

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