अप्रैल से शुरू होगी संयुक्त प्रवेश परीक्षा-बीएड 2026 की आवेदन प्रक्रिया
- 339 कॉलेजों की 37,150 सीटों पर होगा नामांकन, मई में परीक्षा प्रस्तावित
- मुजफ्फरपुर स्थित बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को बनाया गया नया नोडल विश्वविद्यालय
पटना। राज्य में दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा-बीएड 2026 की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग की तैयारियों के अनुसार, इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अप्रैल माह से प्रारंभ की जाएगी। इस बार राज्य के कुल 339 बीएड कॉलेजों में उपलब्ध 37,150 सीटों पर अभ्यर्थियों का नामांकन किया जाएगा। परीक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी से तैयारी चल रही है और पूरा कार्यक्रम मार्च के अंत तक जारी कर दिया जाएगा। इस वर्ष संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन मुजफ्फरपुर स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा, जिसे इस बार नोडल विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय इस परीक्षा का संचालन करता रहा है। नोडल विश्वविद्यालय में बदलाव के साथ ही परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अगले सप्ताह नोडल पदाधिकारी की घोषणा कर दी जाएगी, जो परीक्षा के आयोजन से लेकर परिणाम और काउंसिलिंग प्रक्रिया तक की निगरानी करेंगे। इसके अलावा, मार्च के अंत तक परीक्षा और नामांकन से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम तैयार कर सार्वजनिक कर दिया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों को समय पर जानकारी मिल सके और वे अपनी तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें। परीक्षा का आयोजन मई माह में प्रस्तावित है। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया तेज गति से पूरी की जाएगी, ताकि जून और जुलाई माह में नामांकन प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। सफल अभ्यर्थियों के लिए केंद्रीकृत काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी, जिसके माध्यम से उन्हें विभिन्न कॉलेजों में सीट आवंटित की जाएगी। यह काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगी, जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बार परीक्षा और नामांकन प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए तकनीकी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि आवेदन से लेकर काउंसिलिंग तक की पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके। अभ्यर्थियों को समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य में बीएड पाठ्यक्रम के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए सीटों की संख्या को बनाए रखने के साथ-साथ चयन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्रीकृत प्रवेश परीक्षा प्रणाली से योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित होता है और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आता है। इस बार नोडल विश्वविद्यालय के रूप में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर भी काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि वे परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराएंगे। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। संयुक्त प्रवेश परीक्षा-बीएड 2026 को लेकर राज्य में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अभ्यर्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर होगा, जिससे वे शिक्षक बनने की दिशा में अपना कदम आगे बढ़ा सकेंगे। शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और समय पर आवेदन कर परीक्षा में शामिल हों।


