बेगूसराय में तेजस्वी का बड़ा ऐलान, कहा- सरकार बनी तो कोई नौजवान बेरोजगार नहीं रहेगा, सभी को नौकरी देंगे
बेगूसराय/पटना। बिहार की राजनीति इन दिनों विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर गर्म है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही जनता को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए लगातार रैलियां, यात्राएं और वादे कर रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अपनी बिहार अधिकार यात्रा के तहत बेगूसराय पहुंचे। यहां उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि यदि महागठबंधन की सरकार बनती है तो बिहार में कोई भी नौजवान बेरोजगार नहीं रहेगा और हर किसी को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
बेरोजगारी पर सीधा प्रहार
अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने बेरोजगारी की समस्या को बिहार की सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि आज बिहार का नौजवान रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन करने को मजबूर है। उद्योग-धंधों की कमी और सरकारी भर्तियों में लापरवाही के कारण लाखों युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार बनने पर हर नौजवान को नौकरी मिलेगी और किसी को भी रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
विकास की प्राथमिकताएं
तेजस्वी यादव ने बेगूसराय की जनता से कहा कि बिहार के विकास के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार बनने के बाद विकास के चार प्रमुख आयाम होंगे—पढ़ाई, कमाई, दवाई और सिंचाई। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाना, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और किसानों के लिए सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना उनकी नीतियों का हिस्सा होगा। उनका मानना है कि यदि इन चार क्षेत्रों पर ठोस कार्रवाई की जाए तो बिहार का समग्र विकास संभव है।
नीतीश सरकार पर आरोप
अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार के पास बिहार को आगे ले जाने के लिए कोई ठोस विजन नहीं है। आज राज्य में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार उनकी नीतियों और विजन की नकल कर रहे हैं लेकिन जनता अब असली और नकली में अंतर करना जानती है। तेजस्वी का कहना था कि बिहार को नई दिशा देने के लिए बदलाव जरूरी है और जनता इस बदलाव के लिए तैयार है।
जनसभा में नारों की गूंज
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण के अंत में ‘जय बिहार, जय बिहारी’ का नारा लगाकर भीड़ का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद उपस्थित हजारों लोगों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए और प्रतिपक्ष नेता के समर्थन में आवाज बुलंद की। इन नारों से यह स्पष्ट हो गया कि लोगों में बदलाव की ललक है और वे मौजूदा सरकार से नाराजगी जता रहे हैं।
पांच घंटे की देरी
हालांकि तेजस्वी यादव अपने निर्धारित कार्यक्रम से पांच घंटे देरी से बेगूसराय पहुंचे। इसके बावजूद जनता ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वे रात नौ बजे सदर प्रखंड के कंकौल उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सभा में पहुंचे और वहीं से अपनी अधिकार यात्रा के अंतर्गत लोगों को संबोधित किया। देर रात तक जनता का उत्साह बना रहा और लोगों ने उनके विचारों को गंभीरता से सुना।
बिहार अधिकार यात्रा का महत्व
तेजस्वी यादव की यह यात्रा केवल राजनीतिक अभियान नहीं बल्कि जनता के मुद्दों को समझने और उनसे सीधा जुड़ने का प्रयास है। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं को वे अपनी यात्रा के दौरान लगातार उठा रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य महागठबंधन की नीतियों और विजन को जनता तक पहुँचाना है। खासकर युवाओं और किसानों को लेकर वे बड़े वादे कर रहे हैं, जिससे उनका राजनीतिक आधार मजबूत हो सके।
चुनावी माहौल में असर
तेजस्वी यादव के इस ऐलान का असर आगामी विधानसभा चुनाव पर निश्चित रूप से पड़ेगा। बेरोजगारी का मुद्दा बिहार में सबसे संवेदनशील माना जाता है और यदि किसी भी दल ने इसे सुलझाने का भरोसा दिलाया तो युवाओं का बड़ा समर्थन उसे मिल सकता है। हालांकि, यह भी सच है कि बिहार की आर्थिक स्थिति और संसाधनों को देखते हुए हर युवाओं को नौकरी देना आसान नहीं होगा। लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह घोषणा चुनावी माहौल को गरमा देने वाली है। बेगूसराय में तेजस्वी यादव का यह बड़ा ऐलान बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर गया है। बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सीधे वार करते हुए उन्होंने जनता को यह संदेश दिया कि अब बदलाव की जरूरत है। उनकी बिहार अधिकार यात्रा चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से वे युवाओं और आम जनता का विश्वास जीतने की कोशिश कर रहे हैं।


