January 16, 2026

पटना में खुले में थूकने वालों की खैर नहीं, चार दिनों में वसूला गया 2.5 लाख रुपए जुर्माना

पटना। नगर निगम ने शहर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाने की दिशा में अब कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। खुले में थूकने और सार्वजनिक स्थलों को गंदा करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसका असर भी साफ तौर पर दिखने लगा है। बीते चार दिनों में ही नगर निगम ने करीब 2.5 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया है। यह कार्रवाई न सिर्फ लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने का प्रयास है, बल्कि स्वच्छता को लेकर लापरवाही बरतने वालों के लिए एक कड़ा संदेश भी है।
चार दिनों में बड़ी कार्रवाई
पटना नगर निगम द्वारा चलाए गए इस विशेष निगरानी अभियान के तहत शहर के सभी छह अंचलों में सघन जांच और कार्रवाई की गई। इस दौरान लगभग 500 लोगों को खुले में थूकते हुए या सार्वजनिक स्थानों को गंदा करते हुए पकड़ा गया। इन सभी को नगर निगम ने ‘नगर शत्रु’ के रूप में चिन्हित करते हुए उनसे मौके पर ही जुर्माना वसूला। चार दिनों में 500 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से कुल लगभग 2.5 लाख रुपये की राशि जुर्माने के रूप में जमा की गई है।
अभियान का उद्देश्य और दायरा
नगर निगम का यह अभियान मुख्य रूप से शहर के चौक-चौराहों, प्रमुख सड़कों, बस स्टैंड, बाजारों, रेलवे स्टेशन के आसपास, अस्पतालों, सरकारी दफ्तरों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर चलाया जा रहा है। इन स्थानों पर अक्सर पान, गुटखा और तंबाकू खाने के बाद लोग खुले में थूकते नजर आते हैं, जिससे न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। निगम का उद्देश्य लोगों की इस आदत पर रोक लगाना और शहर को स्वच्छ बनाए रखना है।
नगर आयुक्त के सख्त निर्देश
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने इस अभियान को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इसमें किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा है कि यह अभियान निरंतर और चरणबद्ध तरीके से चलता रहेगा। नगर आयुक्त का मानना है कि जब तक लोगों में नियमों का डर और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना नहीं आएगी, तब तक शहर को साफ रखना मुश्किल है। इसलिए इस तरह की सख्त कार्रवाई जरूरी है।
सीसीटीवी से हो रही पहचान
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। पटना शहर में कुल 415 स्थानों पर लगभग 3300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से प्राप्त फुटेज को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में मॉनिटर किया जा रहा है। जैसे ही कोई व्यक्ति खुले में थूकता हुआ दिखाई देता है, उसकी पहचान कर ली जाती है। इसके बाद उस व्यक्ति की तस्वीर संबंधित अंचल की प्रवर्तन टीम को भेज दी जाती है।
मौके पर पहुंचकर वसूली
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चिन्हित किए गए लोगों के पास नगर निगम की प्रवर्तन टीमें सीधे मौके पर पहुंचती हैं। व्यक्ति की पहचान की पुष्टि के बाद उससे तत्काल 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। इसके साथ ही उसे भविष्य में इस तरह की हरकत न करने की सख्त चेतावनी भी दी जाती है। नगर निगम का कहना है कि यह सिर्फ जुर्माना वसूलने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि लोगों की आदतों में बदलाव लाने का प्रयास भी है।
बार-बार गलती पर और सख्ती
नगर निगम ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार खुले में थूकते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की तस्वीरें शहर में लगे वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले स्क्रीन पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जा सकती हैं। इसका उद्देश्य सामाजिक दबाव के जरिए लोगों को नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करना है। निगम को उम्मीद है कि सार्वजनिक पहचान के डर से लोग ऐसी हरकतों से बचेंगे।
स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा
खुले में थूकना सिर्फ गंदगी का कारण नहीं बनता, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या भी है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है और कई बीमारियां पनप सकती हैं। खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। नगर निगम का मानना है कि स्वच्छ वातावरण न सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा भी करता है।
जन सहयोग की अपील
नगर निगम ने शहरवासियों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई से ही शहर को साफ नहीं रखा जा सकता, इसके लिए आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यदि लोग खुद नियमों का पालन करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें, तो पटना को एक स्वच्छ और सुंदर शहर बनाया जा सकता है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
नगर निगम ने संकेत दिया है कि यह अभियान फिलहाल रुकने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में इसे और सख्त बनाया जा सकता है और जुर्माने की राशि बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। निगम का लक्ष्य है कि खुले में थूकने जैसी आदतों पर पूरी तरह रोक लगे और पटना स्वच्छता के मामले में एक मिसाल बने।

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