February 1, 2026

25 नवंबर को होगी नीतीश कैबिनेट की पहली बैठक, पहले 100 दिनों के एजेंडे पर लगेगी मुहर

पटना। बिहार में नई नीतीश सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में सबसे अधिक चर्चा कैबिनेट की पहली बैठक को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि 25 नवंबर के बाद शुरुआती सप्ताह में ही यह बैठक आयोजित होगी। यह बैठक नई सरकार की नीतियों, प्राथमिकताओं और चुनावी वादों के क्रियान्वयन का आधार तय करेगी। इस बैठक से सरकार अपने कामकाज की दिशा स्पष्ट करेगी और जनता को संदेश देने की कोशिश करेगी कि वादों को पूरा करने का क्रम जल्दी शुरू होगा।
एनडीए के संकल्प पत्र 2025 की योजनाओं पर मुहर की संभावना
चुनाव के दौरान एनडीए गठबंधन ने ‘संकल्प पत्र 2025’ जारी किया था, जिसमें बड़ी और जनहित से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की गई थी। उम्मीद है कि पहली कैबिनेट मीटिंग में इन योजनाओं में से कई पर औपचारिक स्वीकृति दी जाएगी। विशेषकर वे वादे जिन्हें एनडीए ने ‘पहले 100 दिनों’ के एजेंडे में शामिल किया था, इस बैठक में प्राथमिकता पा सकते हैं। इनमें युवाओं के रोजगार, महिलाओं की आर्थिक मजबूती, किसानों के हित में किए गए वादे और गरीब परिवारों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को विशेष महत्व दिया जाएगा। सरकार के सामने यह चुनौती भी होगी कि इन वादों को किस समय सीमा में लागू किया जाए और किन योजनाओं के लिए तत्काल बजटीय प्रावधान तैयार किए जाएं।
युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार अभियान की तैयारी
बिहार चुनाव से पहले एनडीए ने 1 करोड़ से अधिक सरकारी नौकरियों की गारंटी देकर युवाओं को आकर्षित करने का प्रयास किया था। अब नई सरकार इस दिशा में तेजी से कदम आगे बढ़ा सकती है। कैबिनेट की पहली बैठक में भर्ती प्रक्रियाओं को गति देने और विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है। कई विभागों में वर्षों से लंबित भर्तियों को प्राथमिकता दी जा सकती है। साथ ही विभिन्न कौशल-आधारित कार्यक्रमों, औद्योगिक प्रशिक्षण, और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों के लिए भी रोडमैप तैयार किया जा सकता है।
महिलाओं के लिए नई योजनाओं पर फैसला
एनडीए के घोषणापत्र में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया गया था। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ को एक बड़ी पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें महिलाओं को स्व-रोजगार के अवसर और आर्थिक सहायता प्रदान करने का लक्ष्य है। पहली कैबिनेट मीटिंग में इस योजना की संरचना, बजट आवंटन और लाभार्थियों की पात्रता को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा होने की संभावना है, ताकि इन कार्यक्रमों का व्यापक लाभ हर जिले तक पहुँच सके।
किसानों के लिए राहत उपायों पर चर्चा
चुनाव से पहले एनडीए ने किसानों को एमएसपी गारंटी कानून लागू करने और किसान सम्मान निधि को बढ़ाने का वादा किया था। पहली बैठक में इन्हीं वादों पर शुरुआती कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार एमएसपी से जुड़े ढांचे को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक समिति का गठन करने का निर्णय ले सकती है। खरीफ और रबी फसलों की खरीद-प्रणाली को पारदर्शी बनाने, सिंचाई और भंडारण सुविधाओं को सुधारने पर भी भविष्य की रणनीति तय की जा सकती है।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मिल सकती है हरी झंडी
एनडीए के संकल्प पत्र में बिहार के परिवहन और शहरी ढांचे में बड़े बदलाव लाने की घोषणा की गई थी। सरकार ने 7 नए एक्सप्रेसवे, 3600 किलोमीटर रेल आधुनिकीकरण और पटना सहित पांच शहरों में मेट्रो परियोजना की बात कही थी। कैबिनेट की पहली बैठक में इन परियोजनाओं में से किसी एक की शुरुआत या डीपीआर तैयार करने का निर्णय लिया जा सकता है। विशेष रूप से गया और दरभंगा में मेट्रो सेवा के लिए प्रारंभिक कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।
गरीबों और वंचितों के लिए राहतकारी फैसले संभव
गरीब परिवारों के लिए मुफ्त राशन, 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली, 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज, पक्का मकान और पेंशन योजना जैसी घोषणाओं पर भी कैबिनेट चर्चा करेगी। इनमें से एक या दो बिंदुओं पर तुरंत प्रभावी निर्णय लिए जा सकते हैं। यह निर्णय सरकार की ‘गरीबों की सरकार’ की छवि को मजबूत करेंगे और नई पारी की शुरुआत को जनहितकारी साबित करेंगे।
पहली बैठक से तय होगी नीतीश सरकार की नई दिशा
पहली कैबिनेट मीटिंग सरकार के कामकाज की दिशा व प्राथमिकता को स्पष्ट करेगी। इससे न केवल चुनावी वादों के क्रियान्वयन का रास्ता तय होगा, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। बिहार की जनता इस बैठक की प्रतीक्षा कर रही है, क्योंकि यह तय करेगी कि नई सरकार कितनी तेजी से अपने वादों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ती है।

You may have missed