रुपौली उपचुनाव: सीएम नीतीश कुमार करेंगे जनसभा, जदयू के लिए मांगेंगे वोट

पटना। रुपौली विधानसभा सीट, जो बीमा भारती के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, के उपचुनाव में अब सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बीमा भारती जदयू छोड़कर आरजेडी में शामिल हो गई थीं और पूर्णिया से लोकसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें वे हार गई थीं। अब उपचुनाव में बीमा भारती राजद की तरफ से उम्मीदवार हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज रुपौली में जनसभा करेंगे और जदयू उम्मीदवार कलाधर मंडल के लिए वोट मांगेंगे। रुपौली विधानसभा उपचुनाव 10 जुलाई को होने वाला है, जिसमें महागठबंधन और एनडीए आमने-सामने हैं। लोकसभा चुनाव के बाद यह विधानसभा का उपचुनाव हो रहा है, और इस समय चार और विधानसभा सीटें भी खाली हैं, जिन पर जल्द ही चुनाव होंगे। जदयू उम्मीदवार कलाधर मंडल, जो पहले आरजेडी में थे, अब जदयू में शामिल हो गए हैं। जदयू ने उनके ऊपर भरोसा जताया है और उनकी जीत के लिए सभी प्रमुख नेताओं को मैदान में उतार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, मंत्री लेसी सिंह सहित कई नेता लगातार रुपौली में कैंप किए हुए हैं। आज मुख्यमंत्री पूर्णिया जिले के रुपौली प्रखंड के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में सभा करेंगे। भाजपा की ओर से भी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा प्रचार करेंगे। इस उपचुनाव में महागठबंधन और एनडीए दोनों ही पक्ष अपनी ताकत दिखाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।  रुपौली विधानसभा सीट के उपचुनाव में बीमा भारती और कलाधर मंडल के बीच मुकाबला दिलचस्प हो गया है। बीमा भारती के इस्तीफे और राजद में शामिल होने के बाद, यह उपचुनाव और भी महत्वपूर्ण हो गया है। जदयू और भाजपा दोनों ही पार्टियां पूरी कोशिश कर रही हैं कि वे इस सीट पर कब्जा कर सकें। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनसभा आज रुपौली में हो रही है, जहां वे जदयू उम्मीदवार कलाधर मंडल के लिए वोट मांगेंगे। इस जनसभा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से जदयू के पक्ष में मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा, भाजपा की ओर से भी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा प्रचार करेंगे, जिससे मुकाबला और भी तीखा हो गया है। दोनों दलों के बड़े नेताओं की सक्रियता से यह साफ हो गया है कि रुपौली का यह उपचुनाव बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। रुपौली विधानसभा उपचुनाव 10 जुलाई को होने वाला है, और इसके परिणाम से यह स्पष्ट हो जाएगा कि महागठबंधन और एनडीए में से किसकी पकड़ मजबूत है। इस चुनाव के नतीजे भविष्य की राजनीति को भी प्रभावित करेंगे।

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