January 27, 2026

29 को पटना में होगी नीतीश कैबिनेट की बैठक, कई प्रस्ताव होंगे पास, नौकरी और रोजगार पर नजर

पटना। बिहार की राजनीति और प्रशासन से जुड़ी बड़ी गतिविधियों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 29 जनवरी 2026 को राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने इसे लेकर आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। पत्र के अनुसार यह कैबिनेट बैठक गुरुवार को अपराह्न 4:30 बजे पटना स्थित 4, देशरत्न मार्ग के ‘संवाद’ कक्ष में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री समेत सभी कैबिनेट मंत्रियों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है।
महत्वपूर्ण मुद्दों के बीच हो रही बैठक
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब राज्य में कई अहम और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को फैसले लेने हैं। प्रशासनिक स्तर पर लंबित प्रस्तावों, विकास योजनाओं और वित्तीय मामलों को लेकर मंत्रिपरिषद में चर्चा की संभावना है। खास बात यह है कि राज्य में नौकरी और रोजगार से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में हैं, ऐसे में कैबिनेट की इस बैठक पर युवाओं और अभ्यर्थियों की भी नजर टिकी हुई है। सरकार के सूत्रों की मानें तो इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। इनमें नई योजनाएं, पहले से चल रही योजनाओं में संशोधन और प्रशासनिक सुधार से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं।
सभी विभागों को दिए गए निर्देश
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बैठक को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने एजेंडों और पूरी तैयारी के साथ बैठक में मौजूद रहेंगे। बैठक के दौरान एजेंडा आधारित विस्तृत चर्चा की जाएगी, ताकि निर्णय लेने में किसी तरह की असमंजस की स्थिति न रहे। सरकारी आदेश में यह भी कहा गया है कि बैठक के दौरान किसी भी तरह की प्रशासनिक बाधा न आए, इसके लिए पहले से ही सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
सुरक्षा और सुविधाओं पर खास ध्यान
कैबिनेट बैठक को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को भी लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि बैठक स्थल और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा चुनौती को समय रहते नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही बिजली विभाग, विशेषकर विद्युत प्रभाग को भी निर्देश दिया गया है कि बैठक के दौरान विद्युत आपूर्ति पूरी तरह निर्बाध रहे। ‘संवाद’ कक्ष में किसी तरह की तकनीकी या बिजली संबंधी समस्या न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखने को कहा गया है।
विकास योजनाओं पर हो सकता है फैसला
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में होने वाली इस कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार की आगामी योजनाओं और नीतिगत फैसलों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। विकास परियोजनाओं की प्रगति, नई योजनाओं की स्वीकृति और वित्तीय प्रबंधन जैसे मुद्दों पर मंत्रियों के बीच चर्चा हो सकती है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सड़क, बिजली और शहरी विकास से जुड़े प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि सरकार इस बैठक के जरिए अपने विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने की दिशा में कुछ अहम फैसले ले सकती है।
नौकरी और रोजगार पर टिकी निगाहें
इस कैबिनेट बैठक को लेकर युवाओं में खास उत्सुकता है। राज्य में शिक्षक भर्ती, अन्य सरकारी नौकरियों और रोजगार सृजन को लेकर लगातार मांग उठ रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बैठक में नौकरी और रोजगार से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार हो सकता है। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर एजेंडे का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब रोजगार का मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है।
बैठक के बाद होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस
सरकारी सूचना में यह भी बताया गया है कि कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी तुरंत मीडिया और जनता तक पहुंचाई जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री या संबंधित मंत्री कैबिनेट के निर्णयों की मुख्य बातें साझा करेंगे और सरकार की योजनाओं व नीतियों पर विस्तार से जानकारी देंगे। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और जनता सरकार के फैसलों से सीधे तौर पर अवगत हो सकेगी।
राज्य के लिए अहम मानी जा रही बैठक
29 जनवरी को होने वाली नीतीश कैबिनेट की यह बैठक बिहार के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों का सीधा असर राज्य के विकास, प्रशासनिक कामकाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर पड़ेगा। सरकारी तैयारियों से यह साफ है कि सरकार इस बैठक को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि कैबिनेट से कौन-कौन से प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है और राज्य सरकार जनता को क्या बड़े संदेश देती है।

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