February 16, 2026

मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की सलाह से काम करने के कारण पहले से अधिक मजबूत हुए नीतीश : सुधाकर सिंह

पटना। नीतीश कुमार को कोई भी सरकारी काम करने के लिए एक बार जनप्रतिनिधियों से बातचीत करनी चाहिए। किसी भी बैठक की गंभीरता तभी होगी जब सभी स्टेकहोल्डर एक साथ बैठे हैं और मंत्री विभाग का स्टेकहोल्डर होता है। अधिकारी जरूरी होते हैं लेकिन अधिकारी के साथ-साथ मंत्री से भी सलाह लेना जरूरी होता है। इसके साथ ही बीजेपी अपने विदाई के लिए नामांकन अभियान की शुरूआत करने जा रही है आज से। जिन मुद्दों पर हस्ताक्षर अभियान की बात कर रहे हैं उन मुद्दों पर 2014 में मोदी सरकार चुनाव लड़ा और आज 9 साल होने के बाद भी रोजगार की खबर निकल कर सामने नहीं आई। इसके बाद आज वो हस्ताक्षर अभियान में बिहार की जनता के पास जाएंगे तो जनता हिसाब मांगेगी। यह तामाम बातें बिहार की सत्तारूढ़ पार्टी राजद के विधायक सुधाकर सिंह के तरफ से कही गई है। राजद विधायक सुधाकर सिंह से जब यह सवाल किया गया कि नीतीश कुमार कुछ दिन पहले कृषि विभाग की एक बैठक बुलाया था उस बैठक में विभागीय मंत्री उपस्थित नहीं थे। जिसके जवाब में सुधाकर सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार किसी भी सरकारी काम की बैठक बुलाने के लिए अधिकृत हैं लेकिन उनको एक बार विभागीय मंत्री और जनप्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए। किसी की बैठक की गंभीरता तभी होती है जब सभी स्टेकहोल्डर उसमें शामिल हो और मंत्री भी स्टेकहोल्डर होता है अधिकारी अधिकारी होते हैं और जनप्रतिनिधि जनप्रतिनिधि। वहीं, भाजपा के तरफ से आज पुरे बिहार में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाना है। जिसमें भाजपा के तरफ से तमाम जिला और मंडल में प्रदर्शनी लगाकर नीतीश-तेजस्वी सरकार की गलतियों के बारे में लोगों को बताएंगे। इसके साथ ही तेजस्वी यादव के रोजगार वाले वादों पर भी सवाल खड़ा करेंगे। अब इन्हीं बातों को लेकर राजद विधायक सुधाकर सिंह ने कहा कि भाजपा आज से अपना विदाई अभियान शुरू कर दी है। इस बार भाजपा का विदाई तय है। अब इनके जुमलों को जनता जान चुकी है और इनके बहकाबे में नहीं आने वाली है। वहीं विजय सिन्हा के तरफ से लोकतंत्र खतरे में होने की बातों को लेकर सुधाकर ने भाजपा और जेडीयू सरकार के दौरान विधानसभा में हुई घटना को याद दिलवाते हुए कहा कि विजय सिन्हा तो उस दिन लोकतंत्र को खतरे में डाल दिए थे,जब वह अध्यक्ष के पद पर बने हुए थे। उन्होंने बिहार विधानसभा में विधायकों को पिटवाया था। जिस दिन वर्दी में पुलिस विधानसभा के वेल में घुसी उसी दिन लोकतंत्र की हत्या हो गई थी। यह सब कुछ भी बिना उनके आदेश से नहीं हुआ तो पहले विजय सिन्हा को माफी मांगना चाहिए। इसके साथ ही सम्राट चौधरी के तरफ से नीतीश कुमार को कमजोर सीएम बताने पर भी सुधाकर सिंह ने सीधे तौर पर कहा कि नीतीश कुमार कमजोर नहीं पहले से अधिक ताकतवर हुए है। तभी तो वो भाजपा से लड़ रहे हैं।

You may have missed