भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए बिहार से नितिन नवीन ने किया नामांकन, निर्विरोध होगा निर्वाचन
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर संगठन में चल रही तैयारियों के बीच बिहार से आने वाले वरिष्ठ नेता नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। उनके नामांकन के साथ ही यह लगभग तय माना जा रहा है कि भाजपा को 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध रूप से मिलेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी और व्यापक समर्थन को देखते हुए यह नामांकन न केवल एक औपचारिक प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि इसे भाजपा के संगठनात्मक एकता और नेतृत्व पर भरोसे का संकेत भी माना जा रहा है। नामांकन की प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नितिन नवीन के प्रस्तावक बने। इस अवसर पर पार्टी के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। इसके अलावा भाजपा की विभिन्न राज्य इकाइयों के अध्यक्ष, सांसद और संगठन के अन्य पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। भाजपा ने इस आयोजन को एकजुटता और नए नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर व्यापक सहमति का प्रतीक बताया। सूत्रों के अनुसार भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को किए जाने की संभावना है। पार्टी की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि इस मौके पर दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों से वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंचेंगे और कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। इसे भाजपा के संगठन के लिहाज से एक बड़े आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। नितिन नवीन के नामांकन के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि उनका निर्वाचन निर्विरोध होगा। बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर उनकी दावेदारी पहले से ही मजबूत थी, क्योंकि उन्हें पहले ही राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा चुकी थी। ऐसे में अब उन्हें पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया को स्वाभाविक कदम माना जा रहा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत शीर्ष नेतृत्व का उन्हें पूरा समर्थन प्राप्त है, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। नितिन नवीन का राजनीतिक और संगठनात्मक सफर बिहार की राजनीति से शुरू होकर अब राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच गया है। वे दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। उनके पिता ने जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत की थी और बाद में जनसेवा व राजनीतिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। नितिन नवीन का जन्म वर्ष 1980 में पटना में हुआ। वर्ष 2005 में पिता के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने पटना पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र से विधायक पद संभाला। इसके बाद से वे लगातार इसी सीट से जीतते रहे हैं और अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाए रखी। पार्टी संगठन में नितिन नवीन की सक्रियता और भूमिका समय के साथ बढ़ती गई। वर्ष 2016 में उन्हें भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जिसके बाद पार्टी के भीतर उनका कद तेजी से ऊंचा हुआ। संगठन से लेकर सरकार तक उनकी भागीदारी लगातार मजबूत होती गई। वे पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं और तीन बार मंत्रिपद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इससे उनका प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक नेतृत्व दोनों ही स्तर पर मजबूत माना जाता है। 2025 विधानसभा चुनाव में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व दिया गया था। अब उसी जिम्मेदारी को आगे बढ़ाते हुए उन्हें पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी है। भाजपा के भीतर यह भी चर्चा है कि आने वाले समय में नितिन नवीन के नेतृत्व में पार्टी का संगठनात्मक ढांचा और अधिक सशक्त होगा तथा युवाओं, कार्यकर्ताओं और राज्यों के बीच समन्वय को नई गति मिल सकती है। नितिन नवीन के नामांकन को भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। यदि 20 जनवरी को औपचारिक घोषणा होती है, तो भाजपा को बिहार से आने वाला एक नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलेगा, जो संगठन में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक विस्तार में उनकी भूमिका आगामी दिनों में और अधिक अहम मानी जा रही है।


