महिलाओं के खाते में मार्च अप्रैल तक जाएगी महिला रोजगार योजना की अगली किस्त, 10 हजार का होगा भुगतान
पटना। बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। इस योजना के तहत अगली किस्त का भुगतान मार्च से अप्रैल के बीच महिलाओं के खातों में किए जाने की तैयारी है। अगली किस्त के रूप में चयनित लाभुक महिलाओं को 10 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार और जीविका की ओर से व्यापक स्तर पर सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत अब तक राज्य की एक करोड़ 81 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त दी जा चुकी है। यह राशि महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के उद्देश्य से दी गई थी। अब सरकार यह जानना चाहती है कि इस राशि का उपयोग किस तरह के रोजगार में किया गया है और महिलाओं की आगे की जरूरतें क्या हैं। इसी आधार पर आगे की सहायता और प्रशिक्षण की योजना बनाई जाएगी।
मोबाइल एप से हो रहा रोजगार का आकलन
महिला रोजगार योजना के तहत दिए गए पैसों से महिलाओं ने कौन-कौन से कार्य शुरू किए हैं, इसका आकलन करने के लिए जीविका के कर्मी मैदान में उतर चुके हैं। जीविका से जुड़े कर्मचारी मोबाइल एप के माध्यम से महिलाओं से संपर्क कर रहे हैं। बातचीत के दौरान उनसे यह जानकारी ली जा रही है कि उन्होंने किस तरह का व्यवसाय शुरू किया है, रोजगार चल रहा है या नहीं और उसमें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यह पूरी जानकारी मोबाइल एप पर अपलोड की जा रही है। इस सर्वे के पूरा होने के बाद जीविका के पास एक विस्तृत सूची तैयार हो जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी महिलाओं ने सफलतापूर्वक रोजगार शुरू किया है और किन्हें आगे सहयोग की जरूरत है। इसी डेटा के आधार पर महिलाओं को प्रशिक्षण देने और अगली किस्त जारी करने का निर्णय लिया जाएगा।
बेहतर रोजगार करने वाली महिलाओं को ही मिलेगी अगली किस्त
विभाग ने साफ किया है कि अगली किस्त उन्हीं महिलाओं को दी जाएगी, जिनका रोजगार संतोषजनक रूप से चल रहा है। जिन महिलाओं ने पहली किस्त का सही उपयोग कर स्वरोजगार को आगे बढ़ाया है, उन्हें योजना के तहत आगे की सहायता दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च या अप्रैल महीने से इन महिलाओं के खातों में अगली 10 हजार रुपये की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो लाभुक महिलाएं बिहार लघु उद्यमी योजना से आच्छादित हैं, उन्हें महिला रोजगार योजना के तहत आगे कोई अतिरिक्त राशि नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि एक ही महिला को दो योजनाओं का दोहरा लाभ न मिले और सहायता अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
चार चरणों में मिल सकती है दो लाख रुपये तक की सहायता
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से अधिकतम दो लाख रुपये तक की सहायता देने का प्रावधान है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को चार चरणों में यह राशि दी जाएगी। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में राज्य स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा पर किसी महिला को एकमुश्त भी दो लाख रुपये दिए जा सकते हैं। योजना के अनुसार, पहली किस्त में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे, जिसमें लाभुक महिला को भी पांच हजार रुपये का अंशदान करना होगा। इसके बाद दूसरी किस्त में 40 हजार रुपये, तीसरी किस्त में 80 हजार रुपये और अंतिम चौथी किस्त में 60 हजार रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे। इस तरह कुल मिलाकर महिला को अपने रोजगार को मजबूत करने के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी।
शहरी महिलाओं के आवेदनों का सत्यापन जारी
राज्य सरकार ने पहली चरण में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कुल 1.81 करोड़ महिलाओं को राशि दी है। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों की लगभग 18 लाख महिलाओं के आवेदन अभी सत्यापन की प्रक्रिया में हैं। इन महिलाओं ने ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किया था। सरकार ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया है कि 15 मार्च तक इन आवेदनों का सत्यापन पूरा कर लिया जाए। सत्यापन पूरा होने के बाद इन महिलाओं के समूह बनाए जाएंगे और फिर सभी के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। इसके करीब छह महीने बाद इनके द्वारा शुरू किए गए रोजगार का भी आकलन किया जाएगा। आकलन के आधार पर इन्हें भी अगली किस्त देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राज्य मुख्यालय से हो रही निगरानी
महिला रोजगार योजना के सर्वे और भुगतान की पूरी प्रक्रिया की निगरानी राज्य मुख्यालय स्तर से जीविका द्वारा की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सर्वे का काम समय पर पूरा किया जाए, ताकि पात्र महिलाओं को बिना यह देरी के अगली किस्त का लाभ मिल सके। सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और छोटे स्तर पर शुरू किए गए रोजगार आगे चलकर उनकी आय का स्थायी साधन बनेंगे। महिला रोजगार योजना को राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।


