पटना जंक्शन के आसपास आज से नया ट्रैफिक प्लान लागू, कई जगहों पर ई-रिक्शा बैन, हटाया गया बस का पड़ाव
पटना। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में से एक पटना जंक्शन और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने एक नया ट्रैफिक प्लान लागू किया है। यह योजना मंगलवार से प्रभावी हो गई है, जिसका उद्देश्य जाम से निजात दिलाना और ट्रैफिक संचालन को सरल बनाना है।
पटना जंक्शन के चारों ओर बदले नियम
नए ट्रैफिक प्लान के तहत कोतवाली से डाकबंगला की ओर अब कोई भी ऑटो या ई-रिक्शा नहीं चल सकेगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि इस मार्ग पर वाहनों की संख्या अत्यधिक बढ़ गई थी जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती थी। अब सभी ऑटो और ई-रिक्शा को कोतवाली से बुद्धा मार्ग होते हुए अपने गंतव्य तक जाना होगा। इससे डाकबंगला और फ्रेजर रोड क्षेत्र में वाहनों का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
बदलाव का उद्देश्य और प्रारंभिक प्रभाव
12 मई को इस क्षेत्र के लिए ट्रैफिक सुधार का पहला प्लान जारी किया गया था। उस समय हुए परिवर्तन से जीपीओ गोलंबर और फ्रेजर रोड के आसपास कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन गोरिया टोली जैसे स्थानों पर ट्रैफिक दबाव बना रहा। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए नया और संशोधित ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है जो अब अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
बसों के पड़ाव में बदलाव
नए प्लान के तहत अब जीपीओ फ्लाइओवर के पिलर संख्या 3 से लेकर जीपीओ गोलंबर तक किसी भी बस का पड़ाव नहीं होगा। पहले यहां बसें रुकती थीं जिससे क्षेत्र में जाम लग जाता था। अब बसों को वैकल्पिक रूट या पड़ाव तय करने होंगे जिससे प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक सुगम बना रह सके।
रिक्शा और ऑटो चालकों के लिए विशेष निर्देश
डाकबंगला से पटना जंक्शन की ओर अब केवल खाली ऑटो और ई-रिक्शा ही जा सकेंगे। यदि किसी ऑटो या ई-रिक्शा में सवारी बैठी होगी, तो उसे कोतवाली होते हुए ही जंक्शन जाना होगा। जीपीओ गोलंबर पर अब ई-रिक्शा और ऑटो को प्रवेश नहीं मिलेगा। जो वाहन आर ब्लॉक से जीपीओ की ओर आएंगे, उन्हें बाएं मुड़कर बुद्धा मार्ग से जाना होगा। जीपीओ मल्टी मॉडल परिसर से अब कोई भी खाली ई-रिक्शा या ऑटो बाहर नहीं निकल सकेगा।
कई क्षेत्रों से ई-रिक्शा को रोक
हाजीपुर, पटना सिटी, पत्रकार नगर और कंकड़बाग की ओर से आने वाले ई-रिक्शा को अब चिरैयाटांड़ की ओर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष रूप से कंकड़बाग से आने वाली ई-रिक्शा अगर पटना जंक्शन की ओर जाती हैं तो उन्हें चिरैयाटांड़ की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य एक ओर से आने वाले ट्रैफिक को नियंत्रित करना और दूसरी ओर से रास्तों को खाली रखना है।
प्रशासन की सतर्कता और भविष्य की योजना
ट्रैफिक विभाग और जिला प्रशासन लगातार शहर की परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाने की दिशा में सक्रिय है। पटना जंक्शन और इसके आस-पास के इलाकों में जाम की स्थिति न केवल यात्रियों के लिए असुविधाजनक होती थी, बल्कि आपातकालीन सेवाओं पर भी असर डालती थी। इस नए प्लान के जरिए यातायात व्यवस्था में अनुशासन लाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि यदि यह प्लान सफल होता है, तो शहर के अन्य व्यस्त इलाकों में भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू की जा सकती है। पटना की ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट और तकनीकी सहायता से नियंत्रित करने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।


