बिहार में पर्यटन के लिए लॉन्च होगा नया पोर्टल, मोबाइल ऐप से भी मिलेगी जानकारी
पटना। पटना से जुड़ी एक अहम पहल के तहत बिहार सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के पर्यटन विभाग ने निर्णय लिया है कि जल्द ही बिहार के लिए एक नया समर्पित पर्यटन पोर्टल, टूरिज्म मैप और मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य पर्यटकों को एक ही मंच पर बिहार से जुड़े सभी प्रमुख और कम चर्चित पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि यात्रा की योजना बनाना आसान हो सके।
टूरिज्म मैप और मोबाइल ऐप की विशेषताएं
पर्यटन सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह तय किया गया कि टूरिज्म मैप को डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप दोनों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस मैप में केवल पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े मार्ग, दूरी, आसपास के दर्शनीय स्थल, होटल, परिवहन सुविधा और अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी भी शामिल होगी। इससे पर्यटकों को रास्ता भटकने या जानकारी की कमी से होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। मोबाइल ऐप के जरिए पर्यटक अपने स्मार्टफोन पर ही बिहार के सभी पर्यटन स्थलों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ऐप में धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों के साथ-साथ स्थानीय त्योहारों, मेलों, कार्यक्रमों और गतिविधियों का अपडेट भी दिया जाएगा। इससे पर्यटकों को यात्रा के दौरान बेहतर अनुभव मिल सकेगा।
कम चर्चित स्थलों को मिलेगी पहचान
पर्यटन विभाग का मानना है कि अब तक बिहार के कुछ गिने-चुने पर्यटन स्थल ही चर्चा में रहते हैं, जबकि राज्य में ऐसे कई स्थल हैं जो प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व से भरपूर हैं। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इन कम चर्चित स्थलों को भी पहचान दिलाने की कोशिश की जाएगी। इससे पर्यटन का दबाव कुछ सीमित स्थानों तक न रहकर पूरे राज्य में फैलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सोशल मीडिया से बढ़ेगा प्रचार-प्रसार
डिजिटल पहल के तहत पर्यटन विभाग सोशल मीडिया का भी सक्रिय उपयोग करेगा। बिहार की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थल, बौद्ध सर्किट, नेचर टूरिज्म और स्थानीय जीवनशैली को सोशल मीडिया के जरिए देश और विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य है कि बिहार को केवल ऐतिहासिक राज्य के रूप में नहीं, बल्कि एक बहुआयामी पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाए।
एडवेंचर और फोर-व्हीलर टूरिज्म पर जोर
पर्यटन निगम को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य में फोर-व्हीलर सुविधा और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए। खासकर पहाड़ी और वन क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। कैमूर जिले के करमचट डैम के आसपास होटल निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को ठहरने और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था मिल सके।
टूरिस्ट गाइडों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए राज्य में लगभग 200 टूरिस्ट गाइडों को विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। इन गाइडों को मल्टी-लिंगुअल प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे हिंदी और अंग्रेजी के साथ अन्य भाषाओं में भी पर्यटकों से संवाद कर सकें। इसके अलावा उन्हें शालीन व्यवहार, पर्यटन स्थलों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहलुओं तथा आपात स्थिति से निपटने की जानकारी भी दी जाएगी। पर्यटन स्थलों पर तैनात कर्मचारियों को भी व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
पर्यटकों की संख्या की नई गणना पद्धति
पर्यटन विभाग ने यह भी महसूस किया है कि अब तक पर्यटकों की संख्या का आकलन पूरी तरह सटीक नहीं हो पाता था। नई व्यवस्था के तहत पर्यटकों की गणना की पद्धति में बदलाव किया जाएगा। अब केवल होटलों में ठहरने वाले लोग ही नहीं, बल्कि घूमने आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों की अलग-अलग और वास्तविक संख्या दर्ज की जाएगी। इससे पर्यटन से जुड़ी नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।
आंकड़े दिखा रहे हैं बढ़ता रुझान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में बिहार में लगभग 6.6 करोड़ पर्यटक पहुंचे थे। इनमें करीब 98.9 प्रतिशत घरेलू पर्यटक थे, जबकि लगभग 7.37 लाख विदेशी पर्यटकों ने बिहार का भ्रमण किया। विशेष रूप से बौद्ध सर्किट, राजगीर और बोधगया जैसे स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। वहीं 2025 में जनवरी से मई तक ही करीब 1.78 करोड़ पर्यटक बिहार आ चुके हैं। विभाग को उम्मीद है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के शुरू होने से आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा और बढ़ेगा।
नियमित समीक्षा से योजनाओं में तेजी
पर्यटन सचिव ने निर्देश दिए हैं कि विभाग से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा अब हर सोमवार की जाएगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी योजनाएं समय पर पूरी हों और उनमें किसी तरह की देरी न हो। नियमित समीक्षा से पर्यटन परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
पर्यटन अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिजिटल पहल से न केवल पर्यटकों के लिए बिहार की यात्रा आसान होगी, बल्कि राज्य की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को इससे सीधा लाभ होगा। डिजिटल माध्यम से जानकारी मिलने पर पर्यटक अधिक समय तक राज्य में रुकने और ज्यादा स्थानों को देखने के लिए प्रेरित होंगे। बिहार पर्यटन के लिए नया डिजिटल पोर्टल, मोबाइल ऐप और टूरिज्म मैप राज्य को आधुनिक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पर्यटकों को सुविधा, जानकारी और बेहतर अनुभव मिलेगा, वहीं राज्य के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकेगी। आने वाले समय में यह पहल बिहार को एक स्मार्ट और सुलभ पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।


