January 16, 2026

पटना में 11 नए जगहों पर लगेंगे नए फायर हाइड्रेंट, आग की आपदाओं पर होगा नियंत्रण, खर्च होंगे 1.23 करोड रुपए

पटना। राजधानी पटना में आगजनी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में 11 नए फायर हाइड्रेंट लगाए जाने की योजना को अंतिम मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर करीब 1.23 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने आवश्यक राशि पहले ही उपलब्ध करा दी है। नगर निगम के इस फैसले को शहरी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
फायर हाइड्रेंट लगाने का उद्देश्य
शहर में जब भी कहीं आग लगती है, तो अग्निशमन वाहनों को सबसे बड़ी समस्या मौके पर पर्याप्त पानी की उपलब्धता को लेकर होती है। कई बार आग बुझाने में देरी सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि पानी के स्रोत दूर होते हैं। नए फायर हाइड्रेंट लगाए जाने से दमकल गाड़ियों को घटनास्थल के पास ही पानी मिल सकेगा। इससे आग पर तुरंत काबू पाने में मदद मिलेगी और जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
योजना की लागत और तकनीकी विवरण
इस पूरी योजना पर लगभग 1.23 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रति फायर हाइड्रेंट की लागत करीब 11 लाख 23 हजार 700 रुपए तय की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा चिन्हित स्थानों पर इनका अधिष्ठापन किया जाएगा। प्रत्येक फायर हाइड्रेंट के लिए लगभग 600 वर्ग फुट क्षेत्र निर्धारित किया गया है, ताकि आसपास दमकल वाहनों को खड़ा करने और संचालन में किसी तरह की दिक्कत न हो। तकनीकी रूप से इन्हें इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि आपात स्थिति में पानी की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित हो सके।
नगर निगम की मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रिया
इस प्रस्ताव को पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की 19वीं साधारण बैठक में मंजूरी दी गई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह योजना खास तौर पर उन इलाकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जहां घनी आबादी, स्लम बस्तियां और आग लगने की अधिक संभावना रहती है।
कंकड़बाग अंचल में प्रस्तावित फायर हाइड्रेंट
सबसे ज्यादा फायर हाइड्रेंट कंकड़बाग अंचल में लगाए जाएंगे। यहां कुल छह स्थानों पर फायर हाइड्रेंट स्थापित किए जाने हैं। वार्ड संख्या 29 में जक्कनपुर थाना रोड पर आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी और चाणक्य नेशनल यूनिवर्सिटी के बीच एक फायर हाइड्रेंट लगाया जाएगा। वार्ड 34 में टेम्पो स्टैंड के पास और पाटलीपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नजदीक स्थित स्लम एरिया में एक-एक फायर हाइड्रेंट लगाया जाएगा। इसके अलावा वार्ड 35 में कंकड़बाग स्थित विकलांग अस्पताल के पास स्लम क्षेत्र में भी एक फायर हाइड्रेंट लगाया जाएगा।
अन्य वार्डों में हाइड्रेंट की व्यवस्था
कंकड़बाग के अलावा शहर के अन्य इलाकों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। वार्ड 44 में मलाही पकड़ी चौक के पास पार्क के बगल में एक फायर हाइड्रेंट लगाया जाएगा। वहीं वार्ड 46 में बहादुरपुर सेक्टर 7 के प्ले फील्ड के पास स्थित स्लम एरिया में एक फायर हाइड्रेंट स्थापित किया जाएगा। वार्ड 47 में सैदपुर हॉस्टल के सामने स्लम बस्ती में फायर हाइड्रेंट लगाने की योजना है।
काजीपुर, लोहानीपुर और नूतन राजधानी अंचल
शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी फायर हाइड्रेंट लगाए जाएंगे। काजीपुर रोड नंबर 2 पर अवर सचिव के आवासीय परिसर के नजदीक एक फायर हाइड्रेंट लगाया जाएगा। इसी तरह लोहानीपुर स्थित अंबेडकर कॉलोनी में पार्क के सामने एक फायर हाइड्रेंट का अधिष्ठापन किया जाएगा। नूतन राजधानी अंचल में नेहरू नगर टैक्स भवन कार्यालय रोड पर नेहरू नगर के कोने में स्थित स्लम बस्ती में भी फायर हाइड्रेंट लगाया जाएगा।
अदालतगंज क्षेत्र में व्यवस्था
अदालतगंज रोड इलाके को भी इस योजना में शामिल किया गया है। यहां सीपीआई क्वार्टर और नाले के कोने के पास स्थित खाली जगह पर फायर हाइड्रेंट लगाया जाएगा। यह इलाका भी घनी आबादी वाला माना जाता है और यहां आगजनी की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहद जरूरी मानी जा रही है।
शहरी सुरक्षा की दिशा में अहम कदम
नए फायर हाइड्रेंट लगाए जाने से पटना शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को एक मजबूत आधार मिलेगा। खासकर स्लम और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आग लगने की स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाना आसान होगा। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था भविष्य में बड़ी आगजनी की घटनाओं को रोकने और नुकसान को सीमित करने में सहायक साबित होगी। पटना में 11 नए फायर हाइड्रेंट लगाने की यह योजना न सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगी। शहरवासियों को इससे अधिक सुरक्षित और त्वरित आपात सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद की जा रही है।

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