January 16, 2026

पटना में हॉस्टल में बेहोश मिली नीट की छात्रा, अस्पताल में मौत, दुष्कर्म की आशंका

पटना। पटना में एक हॉस्टल से सामने आई यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज और व्यवस्था के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा का इस तरह रहस्यमय हालात में बेहोश मिलना और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो जाना, स्वाभाविक रूप से हर किसी को झकझोर देने वाला मामला है। पुलिस फिलहाल हर पहलू से जांच की बात कह रही है, वहीं परिजन इसे साधारण मौत मानने को तैयार नहीं हैं।
घटना का संक्षिप्त विवरण
यह मामला पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र का है। रविवार देर शाम हॉस्टल में रहने वाली नीट अभ्यर्थी छात्रा अपने कमरे में बेहोशी की हालत में पाई गई। काफी देर तक बाहर न निकलने पर हॉस्टल कर्मियों को शक हुआ। दरवाजा तोड़कर जब वे कमरे में दाखिल हुए तो छात्रा अचेत अवस्था में पड़ी थी। बिना देर किए उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
हॉस्टल में आखिरी दिन की गतिविधियां
पुलिस के अनुसार छात्रा 5 जनवरी को अपने घर से लौटकर हॉस्टल आई थी। अगले दिन यानी 6 जनवरी को उसने हॉस्टल की अन्य छात्राओं के साथ खाना खाया और फिर अपने कमरे में चली गई। इसके बाद वह बाहर नहीं निकली। शुरुआत में किसी को असामान्य स्थिति का अंदेशा नहीं हुआ, क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं का कमरे में देर तक पढ़ना आम बात मानी जाती है। लेकिन जब काफी समय बीत गया और कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तब हॉस्टल कर्मियों ने कमरे का दरवाजा तोड़ने का फैसला किया।
परिजनों की आशंका और आरोप
छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिजन गहरे सदमे में आ गए। उनका कहना है कि बेटी के शरीर पर चोट के निशान थे और उन्हें आशंका है कि उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है। इसी आधार पर पिता के आवेदन पर चित्रगुप्त नगर थाने में मामला दर्ज कराया गया है। परिजनों का तर्क है कि एक स्वस्थ और पढ़ाई में मेहनती छात्रा का इस तरह अचानक दम तोड़ देना कई सवालों को जन्म देता है।
पुलिस और मेडिकल जांच की स्थिति
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल की गायनेकोलॉजिस्ट द्वारा किए गए परीक्षण में निजी अंगों पर किसी तरह की चोट या जख्म नहीं पाए गए। हालांकि पुलिस यह भी स्पष्ट कर रही है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। एएसपी सदर अभिनव कुमार के अनुसार छात्रा के कमरे की तलाशी ली गई, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट या ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे सीधे तौर पर आत्महत्या की बात कही जा सके। हॉस्टल के आसपास रहने वाली अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की गई, पर किसी ने कोई संदिग्ध गतिविधि या बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की।
मोबाइल फोन और दवाओं से जुड़े सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन जब्त किया है। मोबाइल की जांच में यह सामने आया है कि उसने नींद की गोलियों से जुड़ी जानकारी सर्च की थी। जैसे नींद की गोली ज्यादा लेने से शरीर पर क्या असर पड़ता है और ओवरडोज से मौत कैसे हो सकती है। इसके अलावा कमरे से नींद की गोलियां भी बरामद की गई हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा कब से इन दवाओं का सेवन कर रही थी और उसने इन्हें कहां से खरीदा था।
जांच के कई पहलू और अनिश्चितता
पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले को आत्महत्या, दुर्घटना या किसी साजिश के नजरिए से देखा जा रहा है। फिलहाल किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल डेटा की विस्तृत जांच और दवाओं से जुड़े तथ्यों के आधार पर ही तस्वीर साफ हो सकेगी।
समाज के लिए चिंताजनक सवाल
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि उन लाखों छात्रों की मानसिक स्थिति की ओर भी इशारा करती है, जो कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव में जी रहे हैं। हॉस्टल जैसी जगहों पर रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और निगरानी व्यवस्था पर भी यह सवाल खड़े करती है। सच्चाई क्या है, यह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। लेकिन तब तक एक होनहार छात्रा की असमय मौत ने परिवार, समाज और प्रशासन सभी को गहरी चिंता में डाल दिया है।

You may have missed