देश में अभी एनआरसी की सख्त जरूरत, राहुल गांधी जातीय गणना के साथ इसकी बात क्यों नहीं करते : गिरिराज सिंह
पटना। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जातीय गणना की बात तो करते हैं, लेकिन एनआरसी की चर्चा क्यों नहीं करते। गिरिराज सिंह ने कहा कि देश को इस समय एनआरसी की सख्त जरूरत है, ताकि अवैध घुसपैठियों और बाहरी लोगों की पहचान हो सके। उनके अनुसार, जातीय गणना से भी अधिक महत्वपूर्ण है कि देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों की सही पहचान हो और उन्हें बाहर किया जाए। गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता जातीय गणना की बात तो लगातार उठा रहे हैं, लेकिन एनआरसी पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर देश को सुरक्षित और मजबूत बनाना है, तो एनआरसी लागू करना आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनआरसी के जरिए अवैध रूप से देश में रह रहे लोगों को बाहर निकालना होगा, ताकि देश की सुरक्षा और संसाधनों पर बोझ को कम किया जा सके। गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्हें नसीहत दी है। गिरिराज सिंह के बयान पर बीजेपी की सहयोगी पार्टी जदयू का रिएक्शन भी आया है। एक समाचार चैनल से बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा कि आज पूरे देश में एनआरसी की जरूरत है। उन्होंने कहा किया अगर राज्यों में इस कानून को लागू नहीं किया गया तो कई जिलों में भारतवंशियों की संख्या कम हो जाएगी। गिरिराज सिंह दावा किया कि देश में 2 सौ से अधिक ऐसे जिले हैं जहां एनआरसी कानून लागू नहीं हुआ तो भारतवंशियों की संख्या आश्चर्यजनक रूप से काफी कम हो जाएगी और बांग्लादेशी तथा रोहांगिया की आबादी अवैध तरीके से कब्जा जमा लेंगे। इस मुद्दे पर गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी को भी घेरा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मंत्री अनिरुद्ध सिंह के मस्जिद वाले बयान की याद दिलाते हुए कहा कि अब तो राहुल गांधी के मंत्री भी पहचान पत्र की जरूरत महसूस करते हैं। यह भी कहा कि विधानसभा के अंदर राहुल गांधी के मंत्री अवैध घुसपैठ की जांच और सर्टिफिकेट देने की मांग कर रहे हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि आज कई ऐसे लोग हैं जो अवैध रूप से देश में घुसपैठ कर रहे हैं और यहां रहकर देश के संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। यह न केवल देश की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इसका सीधा असर यहां के नागरिकों की सुविधाओं और उनके रोजगार पर भी पड़ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अवैध घुसपैठियों की वजह से कई जगहों पर जनसांख्यिकी में भी बदलाव आ रहा है, जो कि लंबे समय में देश के लिए गंभीर चुनौती साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि जातीय गणना से केवल जाति आधारित आंकड़े मिल सकते हैं, लेकिन यह समस्या का समाधान नहीं है। इसके विपरीत, एनआरसी लागू करने से देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान हो सकेगी और उन्हें देश से बाहर निकाला जा सकेगा। इससे देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। गिरिराज सिंह ने कहा कि एनआरसी न सिर्फ देश की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि यह देश की आंतरिक स्थिरता और विकास के लिए भी आवश्यक है। गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द एनआरसी लागू करनी चाहिए ताकि देश में अवैध घुसपैठियों की पहचान की जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि एनआरसी के बिना देश में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखना कठिन हो सकता है। उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर वे सच में देश के हित में कुछ करना चाहते हैं, तो उन्हें केवल जातीय गणना पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय एनआरसी की भी बात करनी चाहिए। इससे देश में सही मायने में बदलाव आएगा और भारत को अवैध घुसपैठियों से मुक्त किया जा सकेगा। गिरिराज सिंह के अनुसार, एनआरसी का क्रियान्वयन देश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। अंत में गिरिराज सिंह ने अपील की कि जनता को भी एनआरसी के समर्थन में सामने आना चाहिए, ताकि देश को सुरक्षित और समृद्ध बनाया जा सके। उनका कहना है कि एनआरसी देश के हर नागरिक के लिए आवश्यक है और इसे जातीय गणना से भी अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


