एनडीए की जीत के बाद भी नीतीश कुमार नहीं बनेंगे सीएम,अगर ऐसा हुआ तो…..
पटना।बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है।दूसरे चरण का मतदान 3 नवंबर को होना है।चुनाव परिणाम को लेकर अभी से ही राजनीति के गलियारों में मंथन का दौर जारी है।मौजूदा परिस्थिति में राजग के गर्भ से यह संकेत उत्पन्न हो रहा है कि अगर भाजपा की सीटें जदयू से दहाई संख्या से अधिक हुई तो भाजपा नीतीश कुमार को सीएम नहीं बनाएगी। हालांकि चुनाव के दौरान भाजपा के बड़े-बड़े नेता यह बोल चुके हैं कि राजग के ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे।डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने तो यहां तक कह दिया है कि भाजपा के अधिक सीटें हुई तो भी सीएम नीतीश कुमार ही होंगे।मगर सुशील मोदी की बात वर्तमान भाजपा में केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष कितनी प्रासंगिक होगी,यह वक्त बताएगा।इधर भाजपा सूत्रों के मुताबिक अगर भाजपा की सीटें जदयू से 10 से अधिक हुई तो भाजपा मुख्यमंत्री के पद पर पुनर्विचार करेगी।विधानसभा चुनाव के दौरान पहले चरण के मतदान होने के उपरांत राजग तथा महागठबंधन की ओर से प्रचार जारी है।तेजस्वी यादव के सभाओं में बढ़ रही भीड़ एनडीए के लिए परेशानी का सबब बढ़ता जा रहा है।जदयू की अधिकांश सीटों पर सीधे राजद से टक्कर है।जहां लोजपा स्थिति को त्रिकोणीय बनाने के प्रयास में जदयू को झटका दे रही हैं।जदयू ने प्रदेश में 112 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारा है।वहीं भाजपा के द्वारा छोड़े गए वीआईपी के 11 सीटों के छोड़ दे।तो 100 सीटों पर मैदान में है। राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि सीटों के विश्लेषण के उपरांत यह सामने आ रहा है कि भाजपा अपनी ज्यादा सीटें जीतते हुए दिखाई पड़ रही है।वहीं जदयू अपने सीटों की संख्या को बरकरार रखने के लिए संघर्ष की स्थिति में आ चुकी है। ऐसे में अगर भाजपा की सीटें जदयू से एक दर्जन से ऊपर हुई तो भाजपा मुख्यमंत्री के पद पर अपनी दावेदारी कर देगी।


