मुजफ्फरपुर को मिली 650 करोड़ की सौगात, 7 बड़ी परियोजनाओं का नीतीश ने किया शिलान्यास

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अपने विकासोन्मुखी दृष्टिकोण को धरातल पर उतारते हुए मुजफ्फरपुर जिले को 650 करोड़ रुपये की सात बड़ी योजनाओं का तोहफा दिया है। इन योजनाओं का ऑनलाइन शिलान्यास कर उन्होंने यह साबित किया कि राज्य सरकार न केवल वादे करती है, बल्कि उन्हें पूर्ण करने के लिए गंभीर प्रयास भी करती है।
प्रगति यात्रा के वादों को दी गई ज़मीनी हकीकत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन योजनाओं की घोषणा अपनी पिछली प्रगति यात्रा के दौरान की थी। अब इन योजनाओं की शिलान्यास के साथ उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी प्राथमिकता राज्य का संतुलित और सुदृढ़ विकास है। मुजफ्फरपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भगवानपुर चौक से इन परियोजनाओं की शुरुआत की, जहां हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
सड़कों का चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री द्वारा जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, उनमें प्रमुख रूप से शिवहर-मीनापुर-कांटी मार्ग पर 9.70 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य शामिल है, जिसकी लागत 74.18 करोड़ रुपये है। इसी प्रकार चांदनी चौक से बखरी तक 7.65 किलोमीटर लंबी सड़क को 89.77 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ा किया जाएगा। रामदयालु तक बनने वाली सिक्स लेन सड़क भी विकास की एक अहम कड़ी है, जिसकी लागत 44.76 करोड़ रुपये तय की गई है।
मरीपुर में रेल ओवर ब्रिज की सौगात
मुजफ्फरपुर की जनता को सबसे बड़ी सौगात मारीपुर में प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज के रूप में मिली है। इस परियोजना पर 167.68 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। वर्षों से स्थानीय लोग इस ROB की मांग कर रहे थे, और अब इस परियोजना की शुरुआत से लोगों की उम्मीदें जागी हैं।
अन्य आधारभूत परियोजनाएं
इसके अतिरिक्त सिपाहपुर जेल चौक से पूसा रोड तक 120.93 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। शिवहर-मीनापुर-कांटी रोड के 20.43 किमी से 29.80 किमी हिस्से के चौड़ीकरण के लिए 52.56 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, गायघाट के मधुरपट्टी क्षेत्र में एक बड़े पुल का निर्माण 24.28 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिससे आवागमन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
योजनाओं की निगरानी और जनता से संवाद
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पताही स्थित टीचर ट्रेनिंग कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद स्थापित किया और फीडबैक प्राप्त किया। इसके बाद वे कपरपुरा पहुंचे और वहां निर्माणाधीन रेल ओवर ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में गति लाने का निर्देश दिया ताकि समय पर निर्माण कार्य पूरे किए जा सकें।
राजनीतिक संकेत और भविष्य की दिशा
इस पूरे आयोजन से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर विकास की नीति पर आगे बढ़ना चाहते हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वे न केवल योजनाएं घोषित करते हैं, बल्कि उनके कार्यान्वयन को भी गंभीरता से लेते हैं। मुजफ्फरपुर को मिली इन योजनाओं की सौगात से स्थानीय नागरिकों में उत्साह है। साथ ही इससे विपक्ष के उन आरोपों को भी जवाब मिला है, जिसमें विकास कार्यों को केवल दिखावा बताया जाता रहा है। नीतीश कुमार की यह पहल बिहार में विकास की नई पटकथा लिखने की ओर संकेत करती है।

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