January 7, 2026

बॉलीवुड और टीवी के प्रसिद्ध कलाकार मुकुल देव का निधन, आईसीयू में थे भर्ती, 54 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

मुंबई। बॉलीवुड और टेलीविजन के जाने-माने अभिनेता मुकुल देव का 54 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और आईसीयू में भर्ती थे। उनके निधन की खबर ने मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ा दी है। उनके चाहने वाले और साथी कलाकार इस खबर से बेहद दुखी हैं।
अस्पताल में भर्ती थे मुकुल देव
मुकुल देव की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं थी। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन की पुष्टि अभिनेता विंदू दारा सिंह ने की है, जिन्होंने उनके साथ फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ में काम किया था। विंदू ने बताया कि मुकुल अपने माता-पिता के निधन के बाद काफी अकेले हो गए थे। वह न तो ज्यादा घर से बाहर निकलते थे और न ही लोगों से ज्यादा मिलते थे। उनके निधन पर विंदू ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मुकुल एक बेहतरीन इंसान थे और उनका जाना एक बड़ी क्षति है।
करीबी दोस्तों ने जताया शोक
अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल, जो मुकुल देव की करीबी मित्र थीं, उन्होंने भी उनके निधन की पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए ‘रेस्ट इन पीस’ लिखा। दीपशिखा ने कहा कि मुकुल ने कभी अपनी सेहत के बारे में किसी से बात नहीं की। उनका एक व्हाट्सएप ग्रुप था जिसमें वह अपने कुछ पुराने दोस्तों के संपर्क में रहते थे। दीपशिखा ने भावुक होते हुए कहा कि सुबह जब उन्होंने यह खबर सुनी, तो वह यकीन नहीं कर पाईं और बार-बार मुकुल के नंबर पर कॉल करती रहीं, यह सोचकर कि शायद वह फोन उठाएं।
फिल्मी करियर की शुरुआत और उपलब्धियां
मुकुल देव ने 1996 में आई फिल्म ‘दस्तक’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। वह ‘हिम्मतवाला’, ‘यमला पगला दीवाना’, ‘सन ऑफ सरदार’, ‘आर… राजकुमार’, ‘जय हो’ और ‘भाग जॉनी’ जैसी हिट फिल्मों का हिस्सा रहे। उनकी अभिनय शैली को दर्शकों और आलोचकों दोनों ने सराहा।
क्षेत्रीय सिनेमा और टेलीविजन में योगदान
मुकुल ने केवल हिंदी सिनेमा तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने पंजाबी, बंगाली, गुजराती, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया और वहां भी अपनी छाप छोड़ी। इसके साथ ही उन्होंने टीवी इंडस्ट्री में भी कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। ‘घरवाली-ऊपरवाली’, ‘कुटुम्ब’, ‘भाभी’, ‘श्श्श… फिर कोई है’, ‘कुमकुम’ जैसे धारावाहिकों में उनका अभिनय सराहा गया।
मुकुल देव की विरासत
मुकुल देव का जाना न केवल फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के लिए बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए भी अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने करियर में विभिन्न भूमिकाओं के जरिए अभिनय के कई रंग दिखाए। उनके चाहने वाले उन्हें एक संजीदा, ईमानदार और मेहनती कलाकार के रूप में याद रखेंगे। उनकी यादें उनके काम और अभिनय के ज़रिए हमेशा जीवित रहेंगी। उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है। मुकुल देव का सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और बहुआयामी अभिनय प्रतिभा उन्हें हमेशा खास बनाए रखेगी।

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